राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है और इस बार यह बदलाव काफी व्यापक और प्रभावशाली होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 4 मई को अपने चरम पर रहेगा। इस सक्रिय सिस्टम के चलते राज्य के लगभग सभी जिलों में आंधी, बारिश, मेघगर्जना और वज्रपात जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रदेश के 33 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि आने वाले दिन मौसम की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम का अचानक परिवर्तन देखने को मिलेगा। विशेष रूप से 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम का असर अधिक तीव्र रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश से पहले 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है। इसके साथ ही आसमान में घने बादल छाने, तेज गर्जना होने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। यह स्थिति जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों के लिए भी जोखिम भरी मानी जा रही है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अजमेर, अलवर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर और श्रीगंगानगर शामिल हैं। इन जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक गहराई से देखने को मिलेगा, जिससे तेज हवाओं और बारिश का प्रभाव ज्यादा रहेगा। वहीं प्रदेश के 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत कम गंभीर होगी, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक रहेगा। इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही मेघगर्जना और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो प्रदेश के कई हिस्सों में पहले ही आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल चुकी हैं। पूर्वी राजस्थान के झुंझुनूं में सर्वाधिक 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि चौथ का बरवाड़ा में 3 सेंटीमीटर और लक्ष्मणगढ़ में 2 सेंटीमीटर वर्षा हुई। पश्चिमी राजस्थान में भी बीकानेर क्षेत्र में 2 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि मौसम में बदलाव की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह और तेज हो सकती है।
तापमान के लिहाज से भी प्रदेश में अलग-अलग स्थितियां देखने को मिल रही हैं। जहां एक ओर जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं अजमेर में न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इस सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और अधिकांश क्षेत्रों में पारा 44 डिग्री से नीचे बना रहेगा। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार यह मौसम परिवर्तन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी एक सप्ताह तक रुक-रुक कर आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से 5 से 7 मई के बीच जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभागों में छिटपुट बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों और आमजन दोनों के लिए विशेष सलाह जारी की है। किसानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और उन्हें अच्छी तरह ढककर रखें, ताकि बारिश से नुकसान से बचा जा सके। वहीं आम नागरिकों को आंधी के दौरान खुले स्थानों पर न रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है, क्योंकि वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान यह स्थान खतरनाक साबित हो सकते हैं।


