राजस्थान के अजमेर जिले में रविवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों और सख्त निगरानी के बीच शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं, जिनका असर परीक्षा के दौरान साफ तौर पर दिखाई दिया। जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ तो रही, लेकिन पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा एंट्री के समय अपनाए गए सख्त नियमों को लेकर रही। कई परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों को अपने स्टॉल उतारने के लिए कहा गया, वहीं अभ्यर्थियों के हाथों में बंधे धागों को भी काटा गया। इतना ही नहीं, कपड़ों पर लगे मेटल के बटन तक हटवाए गए ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की संभावना को खत्म किया जा सके। इन सभी उपायों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना था।
अजमेर जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 4024 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसके अलावा किशनगढ़ क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जहां 2622 उम्मीदवारों ने अपना पंजीकरण कराया था। परीक्षा के दिन केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के साथ उनके अभिभावकों की भी भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे कई स्थानों पर काफी चहल-पहल रही।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश की प्रक्रिया भी बेहद सख्त और चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई। अभ्यर्थियों को केवल आवश्यक दस्तावेज जैसे प्रवेश पत्र, फोटो और आधार कार्ड ही साथ ले जाने की अनुमति दी गई। केंद्र के अंदर प्रवेश करते ही सबसे पहले इन दस्तावेजों की जांच की गई, जिसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
एक महत्वपूर्ण व्यवस्था यह भी रही कि अभ्यर्थियों को अपने साथ पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्रों पर ही पेन उपलब्ध कराए गए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के उपयोग की संभावना को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। इस कदम को भी परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू हुआ और यह प्रक्रिया दोपहर 1:30 बजे तक जारी रही। इसके बाद दोपहर 2 बजे से परीक्षा प्रारंभ हुई, जो शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भी प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं। मौसम विभाग द्वारा लू और आंधी की चेतावनी जारी किए जाने के बाद सभी परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त इंतजाम किए गए। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए हर केंद्र पर जनरेटर लगाए गए थे, जिससे पंखों और लाइट की व्यवस्था निर्बाध बनी रही। इसके अलावा गर्मी से राहत देने के लिए कई स्थानों पर टेंट लगाए गए, जिससे अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को कुछ राहत मिल सके।
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी विशेष कदम उठाए। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जुड़े करीब 2 हजार एमबीबीएस स्टूडेंट्स, इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को परीक्षा के दौरान कैंपस में ही रहने के निर्देश दिए गए। इन्हें सुबह 11 बजे तक कॉलेज में उपस्थित होने के लिए कहा गया और दोपहर 3 बजे तक कैंपस से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान उनकी बायोमेट्रिक और ऑफलाइन उपस्थिति भी दर्ज की गई।
इन सभी को निर्धारित स्थानों जैसे अंबेडकर सभागार, सेमिनार हॉल, थियेटर, वार्ड और लैब में बैठने की व्यवस्था की गई थी। वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी वार्ड में लगाई गई, जहां वे मरीजों की देखभाल के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। ओपीडी सुबह 9 से 11 बजे तक संचालित की गई, जिसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधे वार्ड में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।
पूरे दिन के दौरान प्रशासन और चिकित्सा संस्थान के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। परीक्षा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती गई और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अजमेर में NEET UG 2026 परीक्षा न केवल शांतिपूर्ण रही, बल्कि यह भी साबित हुआ कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन के जरिए बड़ी परीक्षाओं को बिना किसी व्यवधान के आयोजित किया जा सकता है।


