जिले में बाल आधार नामांकन और अद्यतन कार्य को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत जिले की सभी पंचायत समितियों, नगरीय क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में कुल 70 बाल आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के संचालन के लिए योग्य और प्रशिक्षित ऑपरेटरों की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों के आधार नामांकन और उनके डेटा के अद्यतन कार्य को स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाना है, ताकि आम नागरिकों को दूर-दराज के केंद्रों पर जाने की आवश्यकता न पड़े। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जिला आधार समिति की अध्यक्ष एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन केंद्रों पर बच्चों से जुड़े आधार नामांकन और अपडेट के सभी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए चयनित ऑपरेटरों को संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा निर्धारित नियमों और विनियमों के तहत संचालित की जाएगी।
इस परियोजना के अंतर्गत चयनित ऑपरेटरों को राजकॉम इन्फो सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से ऑनबोर्ड किया जाएगा, जो सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधीन नामांकन एजेंसी के रूप में कार्य करती है। ऑपरेटरों को यूआईडीएआई, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित आधार पंजीकरण एवं अपडेट विनियम-2016 के अनुसार आवश्यक आईडी और क्रेडेंशियल जारी किए जाएंगे, जिससे वे अधिकृत रूप से कार्य कर सकेंगे।
आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित हो सके। जिला आधार समिति के सदस्य सचिव एवं डीओआईटी के संयुक्त निदेशक नरेश टुहानिया ने बताया कि इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से 20 अप्रैल से 30 जून तक राजआधार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे, जबकि अधूरे या त्रुटिपूर्ण आवेदन स्वतः निरस्त कर दिए जाएंगे।
चयन प्रक्रिया को मेरिट आधारित रखा गया है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सके। हालांकि इसके लिए कुछ अनिवार्य शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग से संबंधित नवीनतम एनएसईआईटी यूआईडीएआई परीक्षा का वैध प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। यह प्रमाण पत्र एक्सपायर नहीं होना चाहिए, अन्यथा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण श्रेणी, वैवाहिक स्थिति और निवास से संबंधित सभी जानकारी सही और प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर भरनी होगी। साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है।
यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा दी गई जानकारी गलत है या दस्तावेज फर्जी हैं, तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई चयन प्रक्रिया के दौरान ही नहीं, बल्कि चयन के बाद भी की जा सकती है। इस प्रकार प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को सख्त और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया है।
चयनित ऑपरेटरों के लिए कुछ वित्तीय शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। उन्हें केंद्र के सक्रिय होने के 15 दिनों के भीतर अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से राजआधार पोर्टल पर 50 हजार रुपये की पेनल्टी सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। यह राशि राजकॉम्प जयपुर के खाते में ऑनलाइन जमा कराई जाएगी।
इसके अलावा, ऑपरेटरों को बाल आधार नामांकन और अपडेट कार्य के लिए आवश्यक सभी उपकरणों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। इसमें बायोमेट्रिक डिवाइस, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधन शामिल हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि केंद्रों पर कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से जिले में आधार सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। विशेष रूप से बच्चों के आधार नामांकन को लेकर जो समस्याएं सामने आती थीं, उन्हें काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।


