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भारत में AirPods के लिए Apple का बड़ा हेल्थ अपडेट

भारत में AirPods के लिए Apple का बड़ा हेल्थ अपडेट

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple Inc. ने भारत में अपने प्रीमियम ईयरबड्स के लिए एक महत्वपूर्ण हेल्थ अपडेट जारी किया है। कंपनी ने AirPods को केवल मनोरंजन और ऑडियो डिवाइस तक सीमित न रखते हुए अब उन्हें हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी एक नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए अपडेट के तहत अब AirPods यूजर्स अपनी सुनने की क्षमता यानी Hearing Health की जांच घर बैठे ही कर सकेंगे। कंपनी ने भारत में नया Hearing Test फीचर शुरू किया है, जो कुछ ही मिनटों में यूजर की Hearing क्षमता का आकलन कर सकता है।

Apple का यह नया फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जिन्हें धीरे-धीरे कम सुनाई देने जैसी समस्या का अहसास नहीं हो पाता। कंपनी का कहना है कि कई बार Hearing Loss की समस्या शुरुआती दौर में पहचान में नहीं आती और समय के साथ यह गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में यह तकनीक शुरुआती स्तर पर ही समस्या को पकड़ने में मदद करेगी, जिससे समय रहते उचित सलाह और उपचार संभव हो सकेगा।

कंपनी के अनुसार यह नया फीचर फिलहाल AirPods Pro 2 और उसके बाद के मॉडल्स में उपलब्ध होगा। इसके लिए डिवाइस में लेटेस्ट Firmware इंस्टॉल होना जरूरी है और AirPods को iOS 18 या iPadOS 18 पर चलने वाले iPhone या iPad से कनेक्ट करना होगा। Apple ने दावा किया है कि यह पूरा Hearing Test लगभग पांच मिनट में पूरा हो जाएगा और इसके लिए किसी क्लिनिक, अस्पताल या विशेषज्ञ सेंटर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यूजर अपने घर पर आराम से बैठकर यह टेस्ट कर सकता है।

इस फीचर की कार्यप्रणाली को काफी सरल रखा गया है ताकि आम यूजर भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सके। टेस्ट शुरू करने के लिए यूजर को अपने AirPods पहनने होंगे। इसके बाद दोनों कानों में अलग-अलग ऑडियो टोन सुनाई देंगे। जब भी यूजर को कोई आवाज सुनाई देगी, उसे स्क्रीन पर उसका जवाब देना होगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से सिस्टम यह समझने की कोशिश करेगा कि अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर यूजर की सुनने की क्षमता कितनी है।

टेस्ट पूरा होने के बाद सिस्टम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। इस रिपोर्ट में दोनों कानों की Hearing Level, संभावित Hearing Loss की स्थिति, जरूरी सुझाव और Audiogram Chart शामिल होगा। Audiogram Chart अलग-अलग ध्वनि स्तरों और फ्रीक्वेंसी पर यूजर की सुनने की क्षमता को दर्शाता है। यह रिपोर्ट सुरक्षित तरीके से Apple Health App में सेव रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर यूजर इस डेटा को डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट के साथ भी साझा कर सकता है।

Apple का कहना है कि यह फीचर यूजर्स को अपनी हेल्थ के प्रति अधिक जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। कंपनी की Health and Fitness टीम की वाइस प्रेसिडेंट के अनुसार टेक्नोलॉजी का वास्तविक उद्देश्य लोगों को उनकी सेहत पर बेहतर नियंत्रण देना होना चाहिए। इसी सोच के साथ यह फीचर विकसित किया गया है ताकि लोग अपने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समय रहते समझ सकें।

इस अपडेट की सबसे खास बात यह है that AirPods अब Hearing Assistance डिवाइस की तरह भी काम कर सकेंगे। हल्की या मध्यम Hearing Loss वाले लोगों के लिए यह फीचर रोजमर्रा की बातचीत को अधिक स्पष्ट और सुनने योग्य बनाने में मदद करेगा। टेस्ट के दौरान तैयार की गई पर्सनल Hearing Profile के आधार पर AirPods आसपास की आवाजों और बातचीत को रियल टाइम में बेहतर तरीके से बढ़ाकर सुनाने का प्रयास करेंगे। इससे यूजर को भीड़भाड़ या शोरगुल वाले वातावरण में भी बातचीत समझने में आसानी हो सकती है।

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है जो शुरुआती Hearing समस्या का सामना कर रहे हैं लेकिन अभी तक किसी मेडिकल Hearing Device का उपयोग नहीं कर रहे। हालांकि Apple ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर मेडिकल उपचार का विकल्प नहीं है, बल्कि शुरुआती पहचान और सहायता के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

कंपनी के अनुसार इस तकनीक को विकसित करने में कई वर्षों की रिसर्च लगी है। शुरुआती दौर में Connected Headphones के जरिए Hearing टेस्ट को सटीक बनाना काफी चुनौतीपूर्ण था। आसपास का शोर, हार्डवेयर की सीमाएं और ऑडियो गुणवत्ता जैसी समस्याओं के कारण सही परिणाम हासिल करना आसान नहीं था। लेकिन अब AirPods के बेहतर हार्डवेयर, उन्नत Noise Isolation तकनीक और सॉफ्टवेयर सुधारों की मदद से कंपनी ज्यादा भरोसेमंद और क्लिनिकल स्तर के करीब परिणाम देने का दावा कर रही है।

यह अपडेट इस बात का भी संकेत देता है कि Apple अब अपने डिवाइसेज को केवल इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के रूप में नहीं बल्कि हेल्थ कंपेनियन के रूप में स्थापित करना चाहता है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी लगातार हेल्थ फीचर्स पर फोकस बढ़ा रही है। Heart Rate Monitoring, ECG, Fall Detection और Fitness Tracking जैसे फीचर्स के बाद अब Hearing Health पर दिया गया जोर कंपनी की नई रणनीति को दर्शाता है।

AirPods के अलावा Apple ने भारत में Apple Watch यूजर्स के लिए Sleep Apnoea Notification फीचर भी शुरू किया है। यह फीचर सोते समय सांस रुकने जैसी समस्याओं के संकेतों को पहचानने में मदद करेगा। Apple Watch में मौजूद सेंसर और Accelerometer यूजर की Breathing Pattern और शरीर की हलचल को ट्रैक करेंगे, जिससे संभावित Sleep Apnoea जैसी स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में हेल्थ टेक्नोलॉजी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का सबसे बड़ा क्षेत्र बन सकती है। ऐसे में Apple जैसे ब्रांड्स अपने प्रोडक्ट्स को स्वास्थ्य निगरानी उपकरणों के रूप में विकसित कर रहे हैं। भारत जैसे बड़े बाजार में Hearing Test और Sleep Health जैसे फीचर्स की शुरुआत कंपनी की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।

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