latest-newsटेक

Samsung ला सकता है रोल और स्लाइड होने वाला स्मार्टफोन

Samsung ला सकता है रोल और स्लाइड होने वाला स्मार्टफोन

दुनिया की बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी  Samsung Electronics अब फोल्डेबल फोन के बाद स्मार्टफोन डिजाइन में एक और बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में नजर आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने फोल्ड और फ्लिप स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और अब वह नए फॉर्म फैक्टर पर प्रयोग कर रही है। हाल ही में सामने आए दो नए पेटेंट यह संकेत देते हैं कि सैमसंग भविष्य में रोल और स्लाइड होने वाले स्मार्टफोन बाजार में उतार सकती है। इन पेटेंट्स से कंपनी की अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक को लेकर सोच की झलक मिलती है और यह भी पता चलता है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन डिजाइन पूरी तरह बदल सकते हैं।

सैमसंग लंबे समय से डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में अग्रणी कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी की डिस्प्ले यूनिट पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स में स्लाइड और रोल होने वाले OLED प्रोटोटाइप पेश कर चुकी है। अब नए पेटेंट यह दिखाते हैं कि कंपनी केवल कॉन्सेप्ट तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इन तकनीकों को भविष्य के स्मार्टफोन्स में बदलने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

पहले पेटेंट में जिस डिवाइस का जिक्र किया गया है, वह देखने में एक सामान्य स्मार्टफोन जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्लाइडेबल डिस्प्ले है। इस कॉन्सेप्ट के अनुसार यूजर जरूरत पड़ने पर फोन के डिस्प्ले को हॉरिजॉन्टली स्लाइड करके बड़ा कर सकता है। यानी सामान्य स्थिति में यह एक कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन की तरह काम करेगा, लेकिन मल्टीटास्किंग, वीडियो देखने या गेमिंग के दौरान यूजर को बड़ा स्क्रीन एक्सपीरियंस मिलेगा। काम पूरा होने के बाद डिस्प्ले को वापस स्लाइड करके फोन को सामान्य आकार में बदला जा सकेगा।

यह तकनीक मौजूदा फोल्डेबल और फ्लिप फोन से अलग मानी जा रही है क्योंकि इसमें स्क्रीन को मोड़ने की जरूरत नहीं होगी। फोल्डेबल डिवाइसेज में अक्सर स्क्रीन क्रीज और हिंज से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में स्लाइडेबल डिजाइन इन समस्याओं का समाधान बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल होती है तो यह स्मार्टफोन उद्योग में एक नया ट्रेंड शुरू कर सकती है।

सैमसंग का दूसरा पेटेंट और भी ज्यादा दिलचस्प माना जा रहा है। इसमें ऐसा डिजाइन दिखाया गया है जिसमें पूरा डिस्प्ले डिवाइस की बॉडी के अंदर छिपा रहेगा। जरूरत पड़ने पर यूजर डिवाइस के दोनों किनारों को खींचेगा और डिस्प्ले बाहर आ जाएगा। यह डिस्प्ले रोल होकर डिवाइस के भीतर रहेगा और इस्तेमाल के दौरान बाहर निकलकर बड़ा स्क्रीन अनुभव देगा। उपयोग समाप्त होने पर स्क्रीन फिर से रोल होकर बॉडी के अंदर चली जाएगी।

इस डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा डिस्प्ले की सुरक्षा माना जा रहा है। वर्तमान स्मार्टफोन में स्क्रीन हमेशा बाहर रहती है, जिससे स्क्रैच और डैमेज का खतरा बना रहता है। लेकिन इस नए कॉन्सेप्ट में डिस्प्ले इस्तेमाल न होने पर डिवाइस के अंदर सुरक्षित रहेगा। इससे स्क्रीन की लाइफ बढ़ सकती है और डैमेज का जोखिम कम हो सकता है।

पेटेंट में यह भी बताया गया है कि डिवाइस में एडवांस सेंसर लगाए जाएंगे जो यह पहचान सकेंगे कि यूजर ने डिस्प्ले को कितना खींचा है और उसकी गति क्या है। इन सेंसरों के आधार पर फोन का सॉफ्टवेयर इंटरफेस अपने आप एडजस्ट हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि यूजर डिस्प्ले को थोड़ा बढ़ाता है तो इंटरफेस उसी हिसाब से कंटेंट दिखाएगा और पूरी तरह विस्तार करने पर टैबलेट जैसा अनुभव मिल सकता है। यह तकनीक यूजर एक्सपीरियंस को अधिक स्मार्ट और डायनेमिक बनाने में मदद कर सकती है।

हालांकि फिलहाल यह तकनीक केवल पेटेंट स्तर पर मौजूद है और कंपनी ने इन डिवाइसेज के बाजार में आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। टेक इंडस्ट्री में अक्सर कंपनियां हजारों पेटेंट फाइल करती हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम तकनीकें वास्तविक प्रोडक्ट का रूप ले पाती हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सैमसंग निकट भविष्य में इन रोल और स्लाइड फोन को लॉन्च कर देगी। फिर भी कंपनी की लगातार बढ़ती दिलचस्पी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में इस दिशा में कुछ बड़ा देखने को मिल सकता है।

स्मार्टफोन बाजार में इनोवेशन की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। कुछ साल पहले तक फोल्डेबल फोन केवल कॉन्सेप्ट माने जाते थे, लेकिन आज वे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट का हिस्सा बन चुके हैं। अब कंपनियां ऐसे डिवाइसेज पर काम कर रही हैं जो जरूरत के अनुसार आकार बदल सकें और बेहतर पोर्टेबिलिटी के साथ बड़ा डिस्प्ले अनुभव दे सकें।

सैमसंग की डिस्प्ले यूनिट पहले भी कई बार रोलेबल OLED तकनीक का प्रदर्शन कर चुकी है। कंपनी ने ऐसे प्रोटोटाइप दिखाए हैं जिन्हें खींचकर बड़ा किया जा सकता है या रोल करके छोटा बनाया जा सकता है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनी केवल प्रयोगात्मक स्तर पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भी इस तकनीक पर काम कर रही है।

यदि भविष्य में ये रोल और स्लाइड होने वाले स्मार्टफोन बाजार में आते हैं तो वे फोल्डेबल फोन की कई मौजूदा समस्याओं को दूर कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर फोल्डेबल स्क्रीन में दिखने वाली क्रीज, हिंज की मजबूती और स्क्रीन टूटने जैसी समस्याओं का समाधान रोलेबल डिजाइन के जरिए संभव हो सकता है। इसके साथ ही यूजर्स को कॉम्पैक्ट डिवाइस में बड़ा डिस्प्ले अनुभव मिल सकेगा।

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन केवल पतले और तेज प्रोसेसर वाले डिवाइस नहीं रहेंगे, बल्कि उनका फॉर्म फैक्टर भी पूरी तरह बदल सकता है। सैमसंग जैसे बड़े ब्रांड्स द्वारा रोल और स्लाइड होने वाले स्मार्टफोन पर किया जा रहा काम इसी बदलाव की ओर इशारा करता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि कंपनी अपने इन पेटेंट्स को कब और किस रूप में वास्तविक प्रोडक्ट में बदलती है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading