latest-newsजोधपुरराजनीतिराजस्थान

राजस्थान में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 10 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी

राजस्थान में बढ़ेगा हरित क्षेत्र, 10 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी

राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन को लेकर राज्य सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी दिशा में शुक्रवार को राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा जोधपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। जोधपुर स्थित सर्किट हाउस परिसर में पौधारोपण कर उन्होंने आमजन को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया और कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना है तो अभी से बड़े स्तर पर पौधारोपण और वन संरक्षण के प्रयास करने होंगे।

मीडिया से बातचीत के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है। उन्होंने कहा कि इस पहल ने लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया है। इसी प्रेरणा से राजस्थान सरकार ने प्रदेश में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राजस्थान में 50 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया है, जिसे मिशन मोड में पूरा किया जा रहा है।

वन मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि वन विभाग, विभिन्न सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के सहयोग से यह लक्ष्य काफी हद तक पार कर लिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि बीते वर्ष राजस्थान में कुल 11 करोड़ 55 लाख पौधों का रोपण किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है और इसी कारण सरकार पौधों की निगरानी और देखभाल पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस वर्ष भी राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वन मंत्री ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह लक्ष्य भी पार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। राजस्थान जैसे रेगिस्तानी प्रदेश में पौधारोपण अभियान का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।

संजय शर्मा ने इस दौरान राज्य में चंदन वन विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राजस्थान के चार जिलों में विशेष ‘चंदन वन’ विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में 11-11 हजार चंदन के पौधे लगाए जाएंगे और उनके संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि चंदन के पेड़ न केवल पर्यावरण के लिए उपयोगी हैं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान को चंदन उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाई जाए।

वन मंत्री ने राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण के संरक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कभी गोडावण की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी थी और यह पक्षी विलुप्ति की कगार तक पहुंच गया था। लेकिन अब सरकार, वन विभाग, वैज्ञानिकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से इसके संरक्षण में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोडावण केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि राजस्थान की प्राकृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में दुनिया भर में पाए जाने वाले लगभग 150 गोडावणों में से करीब 120 राजस्थान में पाए जाते हैं। यह राज्य के लिए गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी गोडावण संरक्षण का उल्लेख किया था, जिसके बाद इस दिशा में जागरूकता और प्रयासों को नई ऊर्जा मिली।

वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2025 में 21 मई को ‘राज्य गोडावण दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसी के तहत हाल ही में जैसलमेर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य गोडावण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की दिशा में जनसहभागिता बढ़ाना था।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में लगभग 130 गोडावण प्राकृतिक आवास में जीवन यापन कर रहे हैं। इसके अलावा सम और रामदेवरा स्थित ब्रीडिंग सेंटरों में 87 गोडावणों का संरक्षण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इन ब्रीडिंग सेंटरों में गोडावणों की संख्या 100 से अधिक पहुंचाना है। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक संरक्षण उपायों का सहारा लिया जा रहा है।

वन मंत्री ने कहा कि सरकार केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो राजस्थान को हरित और पर्यावरणीय रूप से मजबूत राज्य बनाया जा सकता है।

राजस्थान सरकार की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे भविष्य में जल संकट, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading