राजस्थान सहित पूरे देश में NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी नाराजगी का माहौल बना हुआ है। लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य पर पड़े असर को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी बीच राजस्थान सरकार में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने छात्रों और उनके परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने ईमानदारी से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए जाएंगे।
झुंझुनूं में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों विद्यार्थियों का मानसिक और शैक्षणिक नुकसान हुआ है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिन छात्रों ने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी, उनके लिए यह बेहद निराशाजनक स्थिति है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि पेपर लीक प्रकरण में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब जांच केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है। मंत्री के अनुसार आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंत्री खर्रा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि NEET परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त होगी। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, तकनीकी सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास फिर से कायम करना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विद्यार्थियों ने पहले आवेदन कर फीस जमा करवाई थी, उनसे दोबारा किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी। मंत्री ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को पहले ही मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है, इसलिए सरकार उन पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहती। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि सरकार उनकी भावनाओं और परेशानियों को समझती है।
NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने महीनों तक कठिन परिश्रम किया था और इस बार अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक की घटना ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। छात्रों का मानना है कि कुछ लोगों की गलत हरकतों की सजा लाखों ईमानदार विद्यार्थियों को भुगतनी पड़ रही है।
झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों के कई छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से अब उन्हें दोबारा उसी स्तर की तैयारी करनी पड़ेगी, जो मानसिक रूप से बेहद थकाने वाला है। लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई की लय भी प्रभावित हुई है। कई विद्यार्थी लगातार दबाव और अनिश्चितता की स्थिति में हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों ने भी इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त की है। कोचिंग संचालक सुनील डांगी ने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों को पेपर लीक की घटनाओं से गहरा मानसिक आघात पहुंचता है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को इतना मजबूत और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए कि प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका ही समाप्त हो जाए। वहीं शिक्षा विशेषज्ञ विक्रम जांगिड़ के अनुसार लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता कमजोर होती है।
छात्रों ने भी सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। चिड़ावा के अभ्यर्थी इशांत ने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से पूरी मेहनत खराब हो जाती है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना करने की हिम्मत न कर सके। वहीं अभ्यर्थी राजबाला ने कहा कि इस बार अच्छे अंक आने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद उन्हें गहरा आघात लगा है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं पर पूरी सख्ती के साथ रोक लगानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा बेहद जरूरी है क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला होता है। लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सरकार और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा वापस जीतने की है।


