अजमेर में अपराध का एक बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के लोहागल क्षेत्र में देर रात बदमाशों ने एक कबाड़ गोदाम को निशाना बनाते हुए पेट्रोल से भरी थैलियों के जरिए आगजनी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। देखते ही देखते पूरा गोदाम आग की लपटों में घिर गया और कुछ ही देर में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। इस घटना ने न केवल इलाके में दहशत फैला दी, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। खास बात यह रही कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना लोहागल क्षेत्र स्थित शहाबुद्दीन खान के कबाड़ गोदाम में हुई। देर रात कुछ नकाबपोश बदमाश गोदाम के पास पहुंचे और बेहद सुनियोजित तरीके से पेट्रोल से भरी थैलियां परिसर के अंदर फेंक दीं। इसके बाद उन्होंने आग लगाई और मौके से फरार हो गए। पेट्रोल के कारण आग ने कुछ ही सेकंड में विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने जब ऊंची लपटें और धुआं देखा तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बदमाश बेहद सावधानी और तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने चेहरे ढक रखे थे ताकि पहचान न हो सके। फुटेज में वे पहले इलाके की गतिविधियों पर नजर रखते हुए दिखाई देते हैं और फिर अचानक पेट्रोल से भरी थैलियां फेंककर आग लगा देते हैं। कुछ ही क्षणों में आग तेजी से फैलती नजर आती है। पुलिस के अनुसार वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह कोई सामान्य शरारत नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था।
गोदाम मालिक शहाबुद्दीन खान ने बताया कि उन्हें देर रात पड़ोसियों का फोन आया था। लोगों ने बताया कि उनके गोदाम से तेज आग की लपटें उठ रही हैं। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। हालांकि आग इतनी भयंकर थी कि दमकल की गाड़ियां पहुंचने से पहले ही गोदाम का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।
इस हादसे में गोदाम के बाहर खड़ी नई पिकअप गाड़ी भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बताया जा रहा है कि इस वाहन की कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये थी। आग इतनी तेज थी कि वाहन कुछ ही देर में लोहे के ढांचे में बदल गया। इसके अलावा गोदाम में रखा लाखों रुपये का कबाड़, मशीनरी और अन्य सामग्री भी जलकर राख हो गई। पीड़ित शहाबुद्दीन खान का कहना है कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी आर्थिक क्षति है और वर्षों की मेहनत एक ही रात में खत्म हो गई।
घटना के बाद पूरे लोहागल इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम पेट्रोल से हमला करना बेहद चिंताजनक है। लोगों में यह डर भी है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के अन्य गोदाम और मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। आग की लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थीं और इलाके में लंबे समय तक धुएं का गुबार बना रहा।
घटना की सूचना मिलते ही Christian Ganj Police Station की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। शुरुआती जांच में फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई है। इसमें बदमाशों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
पुलिस इस मामले के पीछे संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश, व्यापारिक विवाद या किसी प्रकार की धमकी का मामला है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या पीड़ित को पहले किसी प्रकार की धमकी मिली थी या किसी से आर्थिक अथवा कारोबारी विवाद चल रहा था।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस तरीके से बदमाशों ने पेट्रोल की थैलियों का इस्तेमाल किया, वह अपराध की नई और खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है। इससे पहले इस तरह के तरीके का इस्तेमाल आमतौर पर फिल्मों या संगठित अपराधों में देखने को मिलता था। ऐसे में यह घटना कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है।
पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले इलाके में कौन-कौन संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं।
फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। इस घटना ने अजमेर में व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि इस आगजनी के पीछे असली मकसद क्या था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।


