उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने अजमेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अजमेर स्टेशन के निर्माण और विकास कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। आगामी दस से पंद्रह दिनों में कॉन्ट्रेक्ट अवार्ड होने की संभावना है, जिसके बाद ड्राइंग फाइनल करने सहित अन्य तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन महीनों में स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
महाप्रबंधक अमिताभ सोमवार को अजमेर मंडल के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अजमेर स्टेशन सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं और रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की।
अजमेर पहुंचने पर महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और वहां चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े प्रस्तावित कार्यों, यात्री सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें स्टेशन पर प्रस्तावित निर्माण, आधुनिक सुविधाओं और कार्य की रूपरेखा से अवगत कराया।
अजमेर रेलवे स्टेशन राजस्थान के प्रमुख स्टेशनों में से एक माना जाता है। धार्मिक, पर्यटन और व्यावसायिक दृष्टि से यह स्टेशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह, पुष्कर और अन्य पर्यटन स्थलों के कारण यहां पूरे वर्ष बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
महाप्रबंधक ने अपने दौरे के दौरान अमृत स्टेशन योजना के तहत मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। स्टेशन परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ आधुनिक ढांचे में विकसित किया जा रहा है।
इस दौरान कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी महाप्रबंधक से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। महाप्रबंधक ने प्रतिनिधियों की बात सुनी और संबंधित मामलों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद को भी इस बैठक का अहम हिस्सा माना गया।
अजमेर कारखाने के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा कि यह रेलवे के लिए गौरव का विषय है। अजमेर कारखाने का ऐतिहासिक महत्व रहा है और रेलवे के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समारोह की रूपरेखा तैयार की जा रही है और इसके लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि समारोह किस स्तर का होगा, उसमें कौन अतिथि शामिल होंगे और आयोजन कब किया जाएगा, इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। मौसम और अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की तारीख तय की जाएगी। रेलवे प्रशासन चाहता है कि यह आयोजन गरिमामय और यादगार बने, ताकि कारखाने की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान मिल सके।
चार धाम यात्रा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने के सवाल पर महाप्रबंधक ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। यदि कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी विशेष ट्रेनों का निर्णय केवल एक जोन के स्तर पर नहीं लिया जा सकता। इसके लिए कई रेलवे जोन की सहमति और समन्वय जरूरी होता है। ट्रेनों की उपलब्धता, रूट और परिचालन क्षमता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है।
दौरे के दौरान महाप्रबंधक ने जयपुर से अजमेर तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। इस निरीक्षण में उन्होंने रेल मार्ग, ट्रैक की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं और परिचालन से जुड़े पहलुओं का अवलोकन किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस तरह के निरीक्षणों से व्यवस्थाओं में सुधार और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने में मदद मिलती है।
महाप्रबंधक के साथ इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा, मुख्य परियोजना प्रबंधक गतिशक्ति अनूप शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक विकास बूरा तथा मुख्य इंजीनियर निर्माण संदीप जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।


