राजस्थान के जोधपुर शहर के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब एक महीने तक बंद रहने के बाद जोधपुर एयरपोर्ट एक बार फिर से यात्रियों के लिए खुलने जा रहा है। रनवे मरम्मत और री-कारपेटिंग कार्य के चलते बंद किया गया एयरपोर्ट अब 28 अप्रैल से दोबारा नियमित उड़ान सेवाओं के साथ संचालित होगा। एयरपोर्ट के दोबारा खुलने से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
जोधपुर एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार सोमवार सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर बेंगलुरु से इंडिगो एयरलाइंस की पहली फ्लाइट जोधपुर पहुंचेगी। इसके साथ ही एक महीने से ठप पड़ी वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं फिर से बहाल हो जाएंगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर डॉ. मनोज उनियाल ने बताया कि 28 अप्रैल से विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा और यात्रियों को नियमित सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना द्वारा रनवे की री-कारपेटिंग के लिए नोटम यानी नोटिस टू एयरमैन जारी किया गया था। इसके तहत 29 मार्च शाम 6 बजकर 30 मिनट से 27 अप्रैल शाम 6 बजकर 30 मिनट तक जोधपुर एयरपोर्ट पर सभी सिविल यानी व्यावसायिक उड़ानों का संचालन बंद रखा गया। इस अवधि में एयरपोर्ट से कोई भी नियमित यात्री विमान सेवा संचालित नहीं हुई।
जोधपुर एयरपोर्ट पश्चिमी राजस्थान का एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र माना जाता है। यहां से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। वर्तमान में जोधपुर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद के लिए सीधी उड़ान सेवाएं उपलब्ध हैं। सामान्य दिनों में यहां से प्रतिदिन लगभग 14 उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें आगमन और प्रस्थान मिलाकर कुल 28 मूवमेंट होते हैं। एयरपोर्ट बंद होने के कारण हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा था। कई लोगों को जयपुर, उदयपुर या अहमदाबाद जैसे अन्य शहरों से यात्रा करनी पड़ी।
नोटम लागू होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस ने 28 मार्च के बाद की बुकिंग रोक दी थी। इससे साफ था कि रनवे कार्य तय समय तक चलेगा और उड़ान संचालन पूरी तरह प्रभावित रहेगा। अब एयरपोर्ट खुलने के साथ ही एयरलाइंस कंपनियों ने अपनी सेवाएं फिर शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार जोधपुर एयरपोर्ट के रनवे की आखिरी बड़ी मरम्मत लगभग सात साल पहले की गई थी। लगातार उपयोग और भारी विमानों की आवाजाही के कारण रनवे की सतह का समय-समय पर नवीनीकरण आवश्यक होता है। यही कारण है कि इस बार रनवे रिसर्फेसिंग और री-कारपेटिंग का कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। तीसरे और अंतिम चरण का कार्य मई महीने तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।
रनवे मरम्मत का पहला चरण ऐसा था जिसमें रनवे का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बंद किया गया। इस दौरान छोटे और मध्यम आकार के विमानों का संचालन सीमित रूप से संभव था, लेकिन बड़े विमानों के संचालन पर प्रभाव पड़ा। एयरबस ए320 जैसे विमानों का उपयोग किया जा सकता था, जबकि ए321 जैसे बड़े विमान छोटे रनवे पर सुरक्षित रूप से उड़ान नहीं भर सकते थे।
दूसरा चरण सबसे महत्वपूर्ण और अधिक प्रभाव वाला माना गया, क्योंकि इसमें रनवे के मध्य हिस्से पर कार्य किया गया। इस कारण रनवे को पूरी तरह बंद करना पड़ा और सभी सिविल उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी। यही वह अवधि थी जब जोधपुर एयरपोर्ट लगभग एक महीने तक पूरी तरह यात्री सेवाओं से बंद रहा।
तीसरे चरण में रनवे के अंतिम हिस्से पर काम किया जा रहा है। इस चरण के दौरान आंशिक रूप से उड़ान संचालन फिर से शुरू किया जा सकता है, इसलिए 28 अप्रैल से एयरपोर्ट खोलने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि गर्मियों की छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान हवाई यात्रा की मांग बढ़ जाती है।
जोधपुर एयरपोर्ट की एक खास बात यह भी है कि यह एक संयुक्त उपयोग सुविधा यानी ज्वाइंट यूजर फैसिलिटी है। यहां भारतीय वायुसेना का एयरबेस और सिविल एन्क्लेव दोनों एक ही रनवे का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि सैन्य और नागरिक विमान एक ही रनवे से उड़ान भरते हैं। चूंकि वायुसेना के लड़ाकू विमान और सैन्य एयरक्राफ्ट की तकनीकी जरूरतें सामान्य यात्री विमानों से अलग और अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए रनवे का रखरखाव अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
जोधपुर एयरपोर्ट सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र के नजदीक होने के कारण यह एयरबेस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में रनवे की गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा मानकों का उच्च स्तर पर बनाए रखना जरूरी होता है। यही वजह है कि समय-समय पर बड़े रखरखाव कार्य किए जाते हैं।
एयरपोर्ट खुलने से पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। जोधपुर राजस्थान का प्रमुख पर्यटन शहर है, जहां मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस, जसवंत थड़ा, मंडोर गार्डन और ब्लू सिटी जैसी प्रसिद्ध पहचान है। गर्मियों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। उड़ान सेवाएं बहाल होने से होटल, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय कारोबार को भी फायदा होगा।
स्थानीय व्यापारिक समुदाय ने भी एयरपोर्ट शुरू होने का स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि हवाई संपर्क बेहतर होने से निवेश, व्यापारिक बैठकें और तेज आवाजाही आसान होती है। खासकर आईटी, पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट और निर्यात से जुड़े कारोबारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।


