latest-newsकोटाराजनीतिराजस्थान

कोटा में महिला सुरक्षा के लिए AI कैमरे और पिंक पेट्रोलिंग वैन

कोटा में महिला सुरक्षा के लिए AI कैमरे और पिंक पेट्रोलिंग वैन

राजस्थान के कोटा शहर में महिला सुरक्षा को नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के जरिए मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब शहर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए पिंक पेट्रोलिंग वैन, पिंक बूथ और अन्य सुरक्षा सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें निर्भया फंड के तहत प्रस्तावित कार्यों की प्रगति और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कोटा सर्किट हाउस में आयोजित इस बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के विश्वास, सम्मान और सुरक्षित वातावरण से जुड़ा मुद्दा है। यदि महिलाएं और बालिकाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगी, तभी शहर का सामाजिक और शैक्षणिक वातावरण बेहतर बन सकेगा।

बैठक में पुलिस विभाग द्वारा शहर में पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों को और अधिक स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए ओम बिरला ने निर्देश दिए कि मौजूदा कैमरों को एआई तकनीक से जोड़ा जाए। एआई आधारित कैमरे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, असामान्य हरकतों पर अलर्ट देने, भीड़ नियंत्रण में मदद करने और आपराधिक गतिविधियों की निगरानी में अधिक प्रभावी साबित होंगे। इससे पुलिस को रियल टाइम सूचना मिलेगी और घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई संभव हो सकेगी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर में दो पिंक पेट्रोलिंग वैन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। ये विशेष वाहन महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए शहर के प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़, पीछा करने, उत्पीड़न या अन्य शिकायतों पर तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, कोचिंग क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पिंक बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां महिलाएं जरूरत पड़ने पर सीधे सहायता प्राप्त कर सकेंगी।

कोटा देशभर में कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इस कारण बैठक में कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाए, ताकि वे बिना किसी भय के पढ़ाई कर सकें। इसके तहत छात्रावास क्षेत्रों, कोचिंग संस्थानों के आसपास, आवागमन मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कार्यक्रमों को तेज किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर अवेयरनेस अभियान भी चलाया जाएगा। डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी प्रोफाइल, साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया उत्पीड़न जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए महिलाओं को जागरूक करना भी योजना का अहम हिस्सा होगा।

कोटा के महिला थाने को मॉडल महिला थाना के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशील, तेज और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करना है। मॉडल महिला थाना में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, प्रशिक्षित स्टाफ, काउंसलिंग व्यवस्था, डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम और पीड़ित सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और न्याय प्रक्रिया में अधिक सुविधा मिलेगी।

इस समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न प्रस्तावों, बजट उपयोग, कार्यान्वयन प्रक्रिया और समयसीमा पर जानकारी प्रस्तुत की। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं की घोषणा से अधिक महत्वपूर्ण उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

उल्लेखनीय है कि ‘महिलाओं और बालिकाओं के लिए समावेशी शहर’ परियोजना के तहत कोटा को देश के 10 चयनित शहरों में शामिल किया गया है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसके तहत प्रत्येक शहर के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाना है।

परियोजना के तहत कोटा में पिंक ई-रिक्शा सेवा भी शुरू की जाएगी, जिससे महिलाओं को सुरक्षित परिवहन विकल्प मिल सके। शहर में हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी, ताकि अंधेरे क्षेत्रों में रोशनी बढ़े और अपराध की आशंका कम हो। पिंक एम्बुलेंस सेवा महिलाओं की आपात स्वास्थ्य जरूरतों के लिए उपलब्ध होगी। सुरक्षित प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे, जहां महिलाएं सार्वजनिक परिवहन का इंतजार आराम और सुरक्षा के साथ कर सकेंगी।

इसके अलावा कॉल बॉक्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिनकी मदद से आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन से संपर्क किया जा सकेगा। महिला मजदूरों के लिए विशेष लाउंज बनाए जाएंगे, जहां उन्हें विश्राम और बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध कराने और पिंक टॉयलेट बनाने की योजना भी शामिल है, जिससे कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों को सुविधा मिल सके।

कोटा में महिला सुरक्षा को लेकर शुरू की जा रही ये पहल केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक विश्वास और शहरी विकास का भी हिस्सा है। आधुनिक तकनीक, त्वरित सहायता सेवाओं और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए शहर को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन योजनाओं के लागू होने के बाद कोटा देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading