राजस्थान में आने वाले दो दिनों के दौरान मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिलेगा। प्रदेश के एक हिस्से में जहां बारिश, तेज हवाएं और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरे हिस्से में भीषण गर्मी और हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अप्रैल को राजस्थान में यह दोहरा प्रभाव सक्रिय मौसमी तंत्रों के कारण दिखाई देगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मौसम करवट ले सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों पर पड़ रहा है। यह पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है और इसके कारण वातावरण में नमी तथा अस्थिरता बढ़ी है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर तक एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा सक्रिय है। यह ट्रफ मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम तक फैली हुई है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति बनी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है और अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि संभव है। हालांकि अगले दिन यानी 17 अप्रैल से मौसम में बदलाव शुरू होगा। जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादल छाने, गरज-चमक होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वी राजस्थान के जिलों में इस बदलाव का असर अधिक देखा जा सकता है। जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। दिन में गर्मी के बाद शाम के समय तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही संभव है। ऐसे हालात में खुले स्थानों, निर्माणाधीन इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है ताकि फसलों और खुले में रखी उपज को नुकसान से बचाया जा सके।
दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू और नागौर सहित कई क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में इन जिलों में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह सामान्य तापमान से 3 से 4 डिग्री अधिक माना जा रहा है। तापमान में यह बढ़ोतरी हीटवेव जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के मध्य में इतनी तेज गर्मी यह संकेत देती है कि आने वाले मई और जून में तापमान और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों में गर्म हवाएं चलने और लू का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। दोपहर के समय सड़कें और खुले इलाके अत्यधिक गर्म हो सकते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी, थकावट, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता जरूरी है।
बारिश और आंधी की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को बिजली गिरने और तेज हवा से होने वाले नुकसान से भी सावधान रहने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को खराब दृश्यता और धूलभरी हवाओं के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने की जरूरत होगी। बिजली उपकरणों और खुले तारों से दूरी बनाए रखना भी आवश्यक है।
राजस्थान जैसे बड़े राज्य में एक ही समय पर अलग-अलग मौसमीय स्थितियां आमतौर पर तब बनती हैं जब कई मौसमी तंत्र एक साथ सक्रिय हों। इस बार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के कारण पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में अलग-अलग असर दिखाई देगा। यही वजह है कि जहां एक ओर कुछ जिलों में बारिश से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में गर्मी लोगों को परेशान करेगी।
आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। मौसम विभाग समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है और स्थानीय प्रशासन भी स्थिति के अनुसार तैयारियों में जुटा है। गर्मी, तेज हवाओं और संभावित बारिश के इस मिश्रित दौर में नागरिकों को सतर्क रहकर मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी चाहिए। फिलहाल राजस्थान में मौसम के दो रंग साफ दिखाई देने वाले हैं, जिसमें एक तरफ राहत है तो दूसरी तरफ तपिश की चुनौती।


