latest-news

दौसा में विधायक भागचंद टाकड़ा का तीखा बयान, अवैध खनन पर जनता को घेरा

दौसा में विधायक भागचंद टाकड़ा का तीखा बयान, अवैध खनन पर जनता को घेरा

राजस्थान के दौसा जिले में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। बांदीकुई से विधायक भागचंद टाकड़ा का एक बयान इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी है। मुही गांव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विधायक ने जिस बेबाकी और तीखे अंदाज में अपनी ही जनता और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया, उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब विधायक भागचंद टाकड़ा मुही गांव स्थित शहीद राजेंद्र प्रसाद मीणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा कक्ष और लाइब्रेरी के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम का माहौल सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन जैसे ही विधायक ने मंच से बोलना शुरू किया, उन्होंने अचानक अवैध खनन के मुद्दे को उठाते हुए तीखा रुख अपना लिया। उनके भाषण का स्वर इतना कड़ा था कि कार्यक्रम में मौजूद लोग कुछ देर के लिए सन्न रह गए।

विधायक ने अपने संबोधन में हाल ही में हुई एक दुखद घटना का जिक्र किया, जिसमें अवैध खनन से जुड़े ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई थी। इस घटना को आधार बनाते हुए उन्होंने ग्रामीणों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि स्थानीय लोग खुद माफियाओं के साथ ‘सेटिंग’ कर लेते हैं और जब किसी अपने की जान चली जाती है, तब भी वे पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से बचते हैं। विधायक ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति न केवल कानून व्यवस्था को कमजोर करती है, बल्कि अपराधियों का मनोबल भी बढ़ाती है।

अपने बयान के दौरान भागचंद टाकड़ा ने बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यदि लोग खुद ही माफिया से पैसे लेकर चुप बैठ जाएंगे और अपने ही लोगों की मौत पर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो ऐसी स्थिति में कोई भी सरकार या प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकता। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर लोगों का जमीर ही खत्म हो गया है, तो उसका इलाज उनके पास भी नहीं है। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया और पूरे मामले को नई दिशा दे दी।

विधायक के इस तीखे रुख के बीच कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों पर भी दबाव साफ दिखाई दिया। मंच पर तहसीलदार और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, जिनके सामने ही विधायक ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने तहसीलदार को मौके पर ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुही क्षेत्र में अवैध खनन को तुरंत रोका जाए और इस पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इस बयान के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आता नजर आ रहा है। अवैध खनन लंबे समय से दौसा और आसपास के क्षेत्रों में एक गंभीर समस्या बना हुआ है, जिस पर कई बार कार्रवाई की गई है, लेकिन पूरी तरह से इस पर अंकुश नहीं लग पाया है। ऐसे में विधायक का यह खुला बयान प्रशासन और जनता दोनों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भागचंद टाकड़ा का यह बयान एक ओर जहां उनके आक्रामक और स्पष्टवादी व्यक्तित्व को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह स्थानीय स्तर पर व्याप्त समस्याओं की गहराई को भी उजागर करता है। उन्होंने जिस तरह से जनता और माफिया के बीच संभावित सांठगांठ की बात कही है, वह प्रशासनिक चुनौतियों की ओर भी इशारा करता है।

इस पूरे मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या केवल प्रशासनिक कार्रवाई से अवैध खनन जैसी समस्या का समाधान संभव है, या इसके लिए समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी लेनी होगी। विधायक के बयान से यह स्पष्ट होता है कि जब तक स्थानीय लोग खुद इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक किसी भी स्तर पर की गई कार्रवाई पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाएगी।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading