जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के युवाओं और वंचित वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी खोलने और जयपुर के मूंडला स्थित अंबेडकर पीठ में अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए आधुनिक आवासीय कोचिंग केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ई-लाइब्रेरी का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सकें और प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आवासीय कोचिंग केंद्र आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा, जहां उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन एक ही स्थान पर मिल सकेगा।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा बाबा साहब का अपमान किया और उन्हें राजनीति से दूर रखने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस नेतृत्व ने स्वयं को सम्मानित करने पर ध्यान दिया, जबकि बाबा साहब को भारत रत्न का सम्मान काफी देर से मिला। मुख्यमंत्री के इस बयान ने कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ होने वाले अत्याचारों में पिछले दो वर्षों में 28 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का परिणाम बताया और कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रही है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रदेश के 80 लाख पेंशनभोगियों और 5.54 लाख पालनहार योजना के लाभार्थियों के खातों में कुल 1,363 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।
इसके साथ ही शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कई घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने 29.12 करोड़ रुपये की लागत से बने 10 नए छात्रावासों का लोकार्पण किया और 47.60 करोड़ रुपये की लागत वाले 17 नए छात्रावासों का शिलान्यास किया। इसके अलावा जयपुर के जामडोली स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया गया, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री और सुविधाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हुए ‘समाधानसाथी’ नामक एक एआई चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया। यह चैटबॉट पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने में मदद करेगा। इससे युवाओं और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी और आवेदन प्रक्रिया भी सरल बनेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक, वित्त आयोग और श्रमिकों के लिए आठ घंटे कार्य का अधिकार जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास बाबा साहब के महिला सशक्तिकरण के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार द्वारा बाबा साहब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने का भी उल्लेख किया गया, जिसे उनकी विरासत को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी अपने संबोधन में कहा कि सरकार कन्यादान योजना और पेंशन व्यवस्था में सुधार कर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों और शिक्षकों को ‘अंबेडकर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समाज में शिक्षा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


