राजस्थान में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को दौसा जिले के बांदीकुई में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान 607.66 करोड़ रुपये की लागत से तैयार और प्रस्तावित 213 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। यह आयोजन महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के अवसर पर किया गया, जिससे कार्यक्रम को सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व भी मिला। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनका सीधा असर शिक्षा, आधारभूत संरचना और नगरीय विकास पर देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री बांदीकुई पहुंचने के बाद राजेश पायलट राजकीय पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के समाज सुधार में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उनके आदर्शों पर चलते हुए गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें बांदीकुई स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर रखने का निर्णय शामिल है। इसके साथ ही बांदीकुई-दौसा रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण, बांदीकुई और बसवा नगर पालिका क्षेत्रों में सीवरेज एवं ड्रेनेज गैप को पूरा करने के लिए कार्य शुरू करने की घोषणा भी की गई। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में सावित्रीबाई फुले ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की बात कही, जिससे छात्रों को आधुनिक संसाधनों के साथ पढ़ाई का बेहतर अवसर मिल सके। इसके अलावा सभी जिलों में महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। आयोजन स्थल पर लगभग 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी और इसके लिए तीन बड़े डोम तैयार किए गए थे। दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम से पहले शहर में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें करीब 11 हजार कलश शामिल थे। इस यात्रा में पारंपरिक झांकियां, बैंड, डीजे, हाथी, घोड़े और ऊंट शामिल रहे, जिससे पूरे शहर का माहौल उत्सवमय बन गया। शहर में कुल 251 स्वागत द्वार बनाए गए और 31 जेसीबी मशीनों के माध्यम से पुष्प वर्षा कर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में राजस्थान को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जाएगा।
इस दौरान स्थानीय विधायक भागचंद टांकड़ा ने भी अपने संबोधन में क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांदीकुई क्षेत्र में जितना विकास हुआ है, वह पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने विशेष रूप से जल व्यवस्था में हुए सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि अब क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है, जिससे आमजन को राहत मिली है।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत सहित अन्य नेता शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत करीब 900 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा वाहनों की पार्किंग के लिए 18 अलग-अलग स्थानों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


