असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को राजस्थान के सीकर जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी मंदिर में पहुंचकर बाबा श्याम के दरबार में पूजा-अर्चना की। उनके इस दौरे को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह यात्रा ऐसे समय पर हुई है जब असम विधानसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। चुनावी माहौल के बीच उनका यह धार्मिक दौरा सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री सरमा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खाटू धाम पहुंचे, जहां मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा श्याम से राज्य और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने देश में शांति, समृद्धि और निरंतर विकास की कामना भी की। उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखी।
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर पूरा आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी को 90 से 100 सीटों के बीच सफलता मिल सकती है, जो एक मजबूत जनादेश का संकेत होगा। सरमा ने कहा कि असम की जनता ने विकास, स्थिरता और सुशासन को ध्यान में रखते हुए मतदान किया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि परिणाम भाजपा के पक्ष में आएंगे।
उन्होंने असम में चुनाव प्रक्रिया को लोकतंत्र का उत्सव बताते हुए कहा कि वहां के लोग बड़ी संख्या में मतदान करते हैं और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होते हैं। इस बार भी मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और राज्य के भविष्य को लेकर गंभीर है।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि हाल ही में जिस विवाद की चर्चा हो रही है, उसमें फोटो एडिटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर झूठे दस्तावेज तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां लोकतंत्र के लिए हानिकारक हैं और इस मामले में कानून अपना काम करेगा। उनके इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ सीधा हमला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को देखते हुए सीकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी, जिसमें रींगस पुलिस और खाटू थाना पुलिस भी शामिल रही। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए ताकि दौरे के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
गौरतलब है कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए हाल ही में मतदान संपन्न हुआ है और अब सभी की निगाहें आगामी 4 मई को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। चुनाव परिणाम से पहले मुख्यमंत्री का खाटूश्यामजी पहुंचकर पूजा-अर्चना करना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व चुनाव परिणाम को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और सकारात्मक नतीजों की उम्मीद कर रहा है।
इस बार असम में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है, जो राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक सकारात्मक संकेत है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार करीब 85.89 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग साढ़े तीन प्रतिशत अधिक है। राज्य के 35 जिलों में से 26 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च मतदान प्रतिशत आमतौर पर सत्ता परिवर्तन या मजबूत जनादेश का संकेत हो सकता है। हालांकि, अंतिम परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है। फिलहाल सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं और परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।


