latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

अखिलेश यादव का बयान: नीतीश को PM बनना चाहिए था

अखिलेश यादव का बयान: नीतीश को PM बनना चाहिए था

समाजवादी राजनीति के प्रमुख चेहरे अखिलेश यादव ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते थे। जयपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन के कई सहयोगियों की भी यही इच्छा थी कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें और उसी पद से राजनीतिक जीवन का समापन करें।

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की राजनीति में विपक्षी एकता और गठबंधन की दिशा को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार के साथ बड़ा राजनीतिक धोखा हुआ है। उनके अनुसार, जिस तरह से परिस्थितियां बदली हैं, उससे यह प्रतीत होता है कि अब नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर राज्यसभा सदस्य के रूप में ही समाप्त हो सकता है। यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी की रणनीति और उसके सहयोगियों के साथ व्यवहार पर सवाल उठाने वाली मानी जा रही है।

जयपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनावों में निष्पक्षता को प्रभावित करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का आईटी सेल बूथ स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित करने और विरोधी दलों के वोट काटने का काम कर रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि आयोग निष्पक्ष कार्रवाई करने में विफल रहा है।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भाजपा ने संगठित तरीके से बूथों की पहचान कर विपक्षी वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने लखनऊ का उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति के नाम से फर्जी दस्तखत कर समाजवादी पार्टी के वोट काटने का प्रयास किया गया, लेकिन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार, यह स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि चुनाव आयोग भाजपा के खिलाफ सख्त कदम उठाने से बच रहा है।

राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत को “विश्व गुरु” बनाने का जो सपना दिखाया गया था, वह अधूरा रह गया है। उनका मानना था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल दौरे के साथ ईरान का भी दौरा किया होता, तो भारत की वैश्विक छवि और मजबूत हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक स्तर पर भारत कुछ अवसरों को खो चुका है, जिनका उपयोग कर देश अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति को और बेहतर बना सकता था।

अखिलेश यादव ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के शंकराचार्यों का सम्मान नहीं किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न स्थानों पर अपमानित किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि धार्मिक नेताओं को सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया जाए, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

राजस्थान की राजनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी फिलहाल उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सफलता के बाद पार्टी राजस्थान में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। उन्होंने राजस्थान की पर्यटन क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य पहले से ही टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी है और यहां आर्थिक विकास की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने आगरा और जयपुर की तुलना करते हुए कहा कि यदि आगरा को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात की जा सकती है, तो जयपुर की संभावनाएं इससे भी अधिक हो सकती हैं। यह बयान राजस्थान के आर्थिक विकास और पर्यटन उद्योग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों के “डबल इंजन” मॉडल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा है और कई जगहों पर दोनों सरकारों के बीच तालमेल की कमी दिखाई देती है। उनके अनुसार, यह स्थिति ऐसी है मानो दोनों इंजन एक ही पटरी पर आमने-सामने आकर टकरा रहे हों, जिससे विकास की गति प्रभावित हो रही है।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की बात तो की जा रही है, लेकिन इसके लिए जो आंकड़े आधार बनाए जा रहे हैं, वे पुराने हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह व्यवस्था 2029 में लागू होनी है, तो नवीनतम जनगणना के आंकड़ों का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, इस तरह की जल्दबाजी महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है।

इसके अलावा, अखिलेश यादव ने भाजपा के घोषणापत्रों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने पुराने वादों को पूरा करने पर ध्यान नहीं देती और नए वादे करती रहती है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे का उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में यह देखना जरूरी है कि क्या वास्तव में किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि हुई है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading