तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रवासी राजस्थानियों को एकजुट कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का मिशन दिया है। यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भजनलाल शर्मा इससे पहले हरियाणा, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में भी प्रवासी समुदाय को साधने में सफल रहे हैं। अब उनकी सक्रियता तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए तमिलनाडु में चुनाव प्रचार का आगाज किया और कोयंबटूर से अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने यहां प्रवासी राजस्थानियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया और उन्हें भारतीय जनता पार्टी तथा एनडीए के पक्ष में समर्थन देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को विस्तार से रखा।
कोयंबटूर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एनडीए प्रत्याशी वानती श्रीनिवासन के समर्थन में रोड शो किया। इस रोड शो में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और प्रवासी राजस्थानियों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे चुनावी माहौल में स्पष्ट रूप से उत्साह नजर आया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाई है और वे राष्ट्र निर्माण के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने इस समुदाय से अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विकास के पक्ष में मतदान करें।
अपने भाषण में भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के तेजी से विकास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान, युवा, महिला और मजदूर वर्ग के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विचारधारा आधारित पार्टी है, जो राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु की वर्तमान सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां की सरकार भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त है, जिससे आम जनता का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की राजनीति पहले राजस्थान में भी देखने को मिली थी, लेकिन जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उसे नकार दिया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी राजनीति को समाप्त करने के लिए सही निर्णय लें और विकास के एजेंडे को प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजस्थान सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आमजन को पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ काम किया जा रहा है।
तमिलनाडु दौरे के दौरान भजनलाल शर्मा ने कोयंबटूर के प्रसिद्ध पेरूर पट्टेश्वर मंदिर में दर्शन भी किए और भगवान शिव से देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रवासी राजस्थानियों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनका यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करने का प्रयास है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तमिलनाडु जैसे राज्य में प्रवासी समुदाय की भूमिका कई सीटों पर निर्णायक हो सकती है। ऐसे में भजनलाल शर्मा को दी गई यह जिम्मेदारी पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के चलते यह अभियान एनडीए के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।


