राजस्थान में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने जोधपुर से रामदेवरा के बीच संचालित स्पेशल ट्रेन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह विशेष ट्रेन 26 मार्च तक चलेगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए इस स्पेशल ट्रेन का संचालन जारी रखने का फैसला लिया गया है।
19 मार्च से शुरू होकर 26 मार्च तक संचालन
रेलवे प्रशासन के अनुसार जोधपुर-रामदेवरा स्पेशल ट्रेन (04867) का संचालन 19 मार्च से शुरू किया गया था, जिसे अब 26 मार्च तक जारी रखा गया है। इस अवधि में ट्रेन कुल 8 ट्रिप पूरी करेगी। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता कम पड़ रही है। ऐसे में स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है।
समय सारिणी और संचालन व्यवस्था
यह विशेष ट्रेन जोधपुर से सुबह 9:30 बजे रवाना होती है और दोपहर 1 बजे रामदेवरा पहुंचती है। वहीं वापसी में रामदेवरा-भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन (04868) दोपहर 2 बजे रवाना होकर शाम 5:30 बजे भगत की कोठी पहुंचती है। इस समय सारिणी को इस तरह से तैयार किया गया है कि यात्रियों को दिन के समय में यात्रा करने की सुविधा मिल सके। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों और परिवारों को यात्रा में आसानी होती है।
प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव
इस स्पेशल ट्रेन का मार्ग कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरता है। इनमें जोधपुर, राईका बाग, मंडोर, मारवाड़ मथानियां, ओसियां, मारवाड़ लोहावट और फलोदी जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिल रहा है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन की जरूरत कम हो गई है।
कोच संरचना और सुविधाएं
रेलवे द्वारा इस स्पेशल ट्रेन में कुल 10 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 8 साधारण श्रेणी के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। साधारण श्रेणी के कोच होने के कारण यह ट्रेन आम यात्रियों के लिए किफायती विकल्प प्रदान करती है। हालांकि भीड़ को देखते हुए यात्रियों को समय से पहले स्टेशन पहुंचने और यात्रा की उचित योजना बनाने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


