खाटूश्यामजी मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जयपुर-रींगस हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद जयपुर से रींगस और आगे खाटूश्यामजी तक जाने वाले मार्ग पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा। साथ ही श्याम भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर अलग से पैदल पथ भी विकसित किया जाएगा, जिससे पदयात्रियों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए लिया गया निर्णय
जयपुर-रींगस मार्ग पर पिछले कुछ वर्षों में यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर खाटूश्यामजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। देशभर से बड़ी संख्या में भक्त जयपुर होकर रींगस और खाटूश्यामजी पहुंचते हैं।
फाल्गुन मेले और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान इस मार्ग पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि लंबा जाम लग जाता है और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस मार्ग को छह लेन में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से वाहनों की आवाजाही तेज और व्यवस्थित हो सकेगी तथा जाम की समस्या में काफी कमी आएगी।
पदयात्रियों के लिए सुरक्षित पैदल पथ की योजना
खाटूश्यामजी जाने वाले हजारों श्रद्धालु हर साल पैदल यात्रा भी करते हैं। पहले जयपुर से रींगस तक भक्तों के लिए पैदल पथ बनाया गया था, लेकिन समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई है।
कई स्थानों पर पदयात्रियों को वाहनों के साथ ही सड़क का उपयोग करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब हाईवे के साथ अलग और सुरक्षित पैदल मार्ग बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इससे श्रद्धालु बिना किसी खतरे के अपनी पदयात्रा पूरी कर सकेंगे।
खाटूश्यामजी में रिंग रोड से सुधरेगी यातायात व्यवस्था
खाटूश्यामजी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार पहले ही रिंग रोड बनाने की घोषणा कर चुकी है। रिंग रोड बनने से मंदिर क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में भी कम समय लगेगा और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
जयपुर-रींगस हाईवे के विस्तार और खाटूश्यामजी में रिंग रोड बनने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्र के व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

