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कोटा एयरपोर्ट शिलान्यास से पहले सियासत तेज

कोटा एयरपोर्ट शिलान्यास से पहले सियासत तेज

राजस्थान के कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर विस्तृत पोस्ट साझा कर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर श्रेय की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने अपने बयान में कहा कि कोटा की जनता से एयरपोर्ट का वादा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया था और उनकी सरकार ने इस परियोजना को जमीन से लेकर बजट तक पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ाया था।

राहुल गांधी के वादे का जिक्र

अशोक गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि कोटा में एयरपोर्ट बनाना केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं था, बल्कि यह राहुल गांधी द्वारा कोटा की जनता को दिया गया वादा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए थे ताकि परियोजना में कोई देरी न हो।

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2021 में राज्य सरकार ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए करीब 1250 एकड़ जमीन बिना किसी शुल्क के आवंटित कर दी थी। इसके अलावा वर्ष 2022 में एयरपोर्ट क्षेत्र से बिजली की लाइनों को हटाने और स्थानांतरित करने के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था। उनका कहना है कि राज्य सरकार की ओर से परियोजना के लिए जरूरी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई थीं।

केंद्र सरकार पर देरी का आरोप

अशोक गहलोत ने मौजूदा भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बावजूद केंद्र की ओर से आवश्यक मंजूरियों और प्रक्रियाओं में देरी के कारण यह परियोजना करीब चार वर्षों तक फाइलों में अटकी रही।

गहलोत ने उम्मीद जताई कि अब जब इस परियोजना का शिलान्यास होने जा रहा है, तो निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा और इसकी गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उनका कहना है कि कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के विकास के लिए यह एयरपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

चंबल रिवरफ्रंट को लेकर भी उठाए सवाल

एयरपोर्ट परियोजना के साथ-साथ अशोक गहलोत ने कोटा के महत्वाकांक्षी चंबल हेरिटेज रिवरफ्रंट परियोजना की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोटा को पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से चंबल रिवरफ्रंट का निर्माण कराया था।

गहलोत के अनुसार इस परियोजना को पर्यटन हब बनाने का सपना देखा गया था, लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इसके विकास की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिवरफ्रंट क्षेत्र में अभी तक कई प्रस्तावित सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं, जिनमें रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन सेवाएं शामिल हैं।

हाड़ौती के विकास में एयरपोर्ट की भूमिका

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट बनने से तभी वास्तविक लाभ मिलेगा जब शहर में पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इसके लिए चंबल रिवरफ्रंट जैसी परियोजनाओं का बेहतर रखरखाव और विस्तार जरूरी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हाड़ौती क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

7 मार्च को होगा शिलान्यास

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास 7 मार्च 2026 को शंभूपुरा स्थित प्रस्तावित स्थल पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू सहित कई केंद्रीय और राज्य मंत्री शामिल होंगे।

1507 करोड़ की लागत से बनेगा एयरपोर्ट

इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 1507 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। एयरपोर्ट में लगभग 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल का टर्मिनल भवन बनाया जाएगा, जिसकी यात्री क्षमता करीब एक हजार होगी। इसके साथ ही 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार किया जाएगा, जिससे ए-321 श्रेणी के विमान भी यहां उतर सकेंगे।

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