जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1789 करोड़ रुपए का बजट सोमवार को पारित कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त एवं जेडीए अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा सिंह ने की। इस अवसर पर जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी, सचिव चंचल वर्मा, एडीएम सिटी-प्रथम अंजूम ताहिर सम्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वित्त निदेशक मंजीत चारण द्वारा प्रस्तुत बजट प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
शहर के चहुंमुखी विकास की दिशा में बड़ा कदम
जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि शहर के संतुलित और सुनियोजित विकास के साथ-साथ आय के स्रोतों को मजबूत करने के उद्देश्य से चार नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में कुल 1521.91 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह प्रावधान जोधपुर शहर के विस्तार क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को उन्नत बनाने पर केंद्रित है।
नई आवासीय योजनाओं से मिलेगा व्यवस्थित विस्तार
तेजी से बढ़ती आबादी और आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए जेडीए ने कई नई आवासीय योजनाओं की घोषणा की है। ग्राम चौखा में सरदार पटेल आवासीय विस्तार योजना के साथ एक अन्य नवीन आवासीय योजना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बासनी लाच्छा क्षेत्र में नई आवासीय योजना तथा मोगड़ा कलां में ट्रांसपोर्ट नगर एवं ऑटोमोबाइल विस्तार योजना विकसित की जाएगी।
इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के बाहरी क्षेत्रों में सुनियोजित कॉलोनियों का विकास करना है, जिससे अनियोजित और अवैध बस्तियों पर नियंत्रण लगाया जा सके। मोगड़ा कलां में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित होने से भारी वाहनों की आवाजाही शहर के भीतरी हिस्सों से बाहर स्थानांतरित होगी, जिससे ट्रैफिक दबाव में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
अंडरपास और पर्यटन मार्गों पर विशेष फोकस
यातायात सुधार और पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए 50 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। भाटी चौराहा और जलजोग चौराहा सहित अन्य स्थानों पर अंडरपास निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मेहरानगढ़ फोर्ट तक जाने वाले राव जोधा मार्ग, जिसे घोड़ा घाटी रोड के नाम से भी जाना जाता है, के विकास, सौंदर्यकरण और लाइटिंग के लिए 10 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
लूणी पंचायत समिति से राजाराम शिक्षण संस्थान तक फुटओवर ब्रिज निर्माण, पंचकुंडा क्षेत्र का सौंदर्यकरण, श्री गणेश मंदिर रातानाडा क्षेत्र का विकास और सालावास से कांकाणी तक सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं भी बजट में शामिल हैं। इन कार्यों से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी बल्कि पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी।
स्मार्ट ट्रैफिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा
जोधपुर को स्मार्ट सिटी अवधारणा की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए बजट में तकनीकी प्रावधान भी किए गए हैं। मुख्य सड़कों पर स्मार्ट स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने के लिए 1.75 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर डिजिटल आउटडोर एलईडी डिस्प्ले पैनल स्थापित किए जाएंगे, जिन पर यातायात और सार्वजनिक सूचना प्रदर्शित की जाएगी।
आउटर रिंग रोड की डीपीआर तैयार करने, कायलाना से सिद्धनाथ सड़क सुदृढ़ीकरण और अनकवर्ड क्षेत्रों में ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स लगाने जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं से यातायात नियमों की निगरानी सुदृढ़ होगी और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
सीवरेज और जल संरक्षण पर 30 करोड़ का प्रावधान
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सीवरेज लाइन एवं एसटीपी कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपए तथा विवेक विहार एसटीपी पुनः उपयोग योजना के लिए 10 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से शोधित जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।
आय और व्यय का संतुलित ढांचा
वर्ष 2026-27 के लिए जेडीए की कुल अनुमानित प्राप्तियां 1789 करोड़ रुपए आंकी गई हैं। इसमें भूमि विक्रय से 707 करोड़, आवासीय योजनाओं से 48 करोड़, भूमि रूपांतरण शुल्क से 87 करोड़ तथा नगरीय कर एवं शहरी जमाबंदी से 379 करोड़ रुपए की आय का अनुमान है। इसके अतिरिक्त निक्षेप एवं धरोहर, ऋण, शुल्क, शास्ति, ब्याज, किराया और अन्य स्रोतों से भी आय प्राप्त होगी। व्यय के प्रमुख प्रावधानों में 1521 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर, 91 करोड़ सामान्य प्रशासनिक व्यय पर और 75 करोड़ राज्य सरकार के अंशदान के रूप में निर्धारित किए गए हैं। अन्य मदों में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
आमजन के लिए क्या बदलेगा
इस बजट के लागू होने के बाद शहर में सुनियोजित आवासीय कॉलोनियों का विकास, बेहतर सड़क नेटवर्क, अंडरपास निर्माण और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पर्यटन मार्गों के सौंदर्यकरण से जोधपुर की पहचान और मजबूत होगी। साथ ही सीवरेज और जल पुनः उपयोग योजनाओं से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।


