राजस्व मण्डल राजस्थान अजमेर के निर्देशानुसार पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा 2025 में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के लिए लंबे इंतजार के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जोधपुर जिले के लिए आवंटित 96 रोल नम्बर धारक अभ्यर्थियों को पटवारी पद पर दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि के लिए प्रोबेशनर प्रशिक्षणार्थी के रूप में नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित होने के करीब 50 दिन बाद यह आदेश जारी हुए हैं, जिससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
नियुक्ति में देरी के बाद अभ्यर्थियों को राहत
पटवारी भर्ती 2025 का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश की प्रतीक्षा कर रहे थे। नियुक्ति में देरी को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था और प्रशासन से शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की जा रही थी। अब नियुक्ति आदेश जारी होने से चयनित अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है और वे आगामी प्रशिक्षण की तैयारी में जुट गए हैं। जोधपुर जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रोबेशन अवधि के दौरान राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली, भू-अभिलेख संधारण, भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
निवास पते पर भेजे जा रहे नियुक्ति आदेश
जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने जानकारी दी कि सभी चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश उनके निवास स्थान के पते पर प्रेषित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी जिला कलक्टर कार्यालय, जोधपुर की भू-अभिलेख शाखा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी अपने नियुक्ति आदेश प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्ति आदेश प्राप्त करने के बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तथा पुलिस विभाग द्वारा जारी चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेजों के परीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया जिला कलक्टर (भू.अ.) कार्यालय, जोधपुर में संपन्न की जाएगी।
26 फरवरी से प्रशिक्षण का कार्यक्रम
दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों को 26 फरवरी को प्रातः 10 बजे पटवार प्रशिक्षण शाला कालीबेरी में मूल दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर कार्यग्रहण करना होगा। दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि के दौरान उन्हें विभागीय नियमों, राजस्व कानूनों, भूमि अभिलेख अद्यतन प्रक्रिया, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य प्रशासनिक दायित्वों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। पटवारी पद ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला माना जाता है। राज्य में भूमि संबंधी रिकॉर्ड के रखरखाव, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संग्रहण में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में प्रशिक्षण की यह अवधि अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, जिससे वे जमीनी स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।
जोधपुर जिले के 96 अभ्यर्थियों को मिला अवसर
जोधपुर जिले के लिए कुल 96 रोल नम्बर धारक अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। चयन प्रक्रिया के तहत इन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन मेरिट और आरक्षण नियमों के अनुरूप किया गया है। नियुक्ति आदेश जारी होने के साथ ही जिले में रिक्त पड़े पटवारी पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रशासनिक दृष्टि से यह नियुक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि राजस्व कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए पर्याप्त संख्या में पटवारियों की उपलब्धता आवश्यक है। नए नियुक्त अभ्यर्थियों के कार्यभार संभालने से राजस्व संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
राजस्व प्रशासन को मिलेगी मजबूती
पटवारी सीधी भर्ती 2025 के तहत जारी ये नियुक्तियां राज्य के राजस्व प्रशासन को मजबूती प्रदान करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और पारदर्शी व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि के दौरान अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भी मूल्यांकन के दायरे में रहेगा, जिसके आधार पर उनकी सेवा की पुष्टि की जाएगी।


