शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद गहरा गया है। विधायक निधि से फंड मंजूर कराने के बदले कथित तौर पर रिश्वत मांगने के स्टिंग में शामिल बताए जाने के बाद भरतपुर जिले के बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
किन विधायकों का हुआ था स्टिंग
एक मीडिया संस्थान द्वारा किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में कांग्रेस विधायक अनीता जाटव, भाजपा विधायक रेवंत राम डांगा और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के नाम सामने आए हैं। स्टिंग में आरोप लगाया गया कि विधायक निधि से फंड मंजूर कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई। खबर सामने आते ही यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इस पूरे प्रकरण को लेकर विधायक ऋतु बनावत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसे उन्होंने ईमेल के जरिए भेजा। पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं और राजस्थान सरकार भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में इस तरह के आरोप लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
लोकतंत्र और जनविश्वास का मुद्दा
ऋतु बनावत ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह की खबरों से आम जनता का लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ यानी जनप्रतिनिधियों पर से विश्वास डगमगाने लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक जैसे संवैधानिक पद की एक गरिमा होती है और बिना निष्पक्ष जांच के मीडिया के माध्यम से छवि धूमिल करना गंभीर मामला है।
ब्लैकमेलिंग की आशंका जताई
विधायक ने स्टिंग करने वाले व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति द्वारा बातचीत के दौरान कई विधायकों के पत्र दिखाए गए और यह स्वीकार भी किया गया कि उसके पास अनेक विधायकों से जुड़े पत्र मौजूद हैं। इससे यह आशंका मजबूत होती है कि मामला केवल स्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा षड्यंत्र हो सकता है। बनावत के अनुसार, यदि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगी तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
CBI जांच की मांग क्यों
ऋतु बनावत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार के तथाकथित मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए। उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध व पानी का पानी हो सकेगा। साथ ही, आम जनता के मन में पैदा हुई शंकाओं का भी समाधान होगा।


