मनीषा शर्मा, अजमेर। ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उर्स के दौरान लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था या हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम की ओर से मेला क्षेत्र में निर्माणाधीन इमारतों को सीज करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
सोमवार को नगर निगम की टीम ने मेला क्षेत्र में करीब 13 निर्माणाधीन इमारतों को सीज किया। इन इमारतों पर न केवल सीज की कार्रवाई की गई, बल्कि मौके पर नोटिस भी चस्पा किए गए, ताकि संबंधित भवन मालिकों को निर्माण कार्य रोकने की स्पष्ट जानकारी मिल सके। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी मेला क्षेत्र में 24 इमारतों को सीज किया जा चुका है। इस तरह अब तक कुल 37 इमारतों पर कार्रवाई हो चुकी है।
दरअसल, ख्वाजा साहब के उर्स को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसमें नया निर्माण शुरू करना, अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करना और भवनों के सामने निर्माण सामग्री रखना शामिल है। प्रशासन का मानना है कि निर्माण कार्यों के कारण रास्ते संकरे हो जाते हैं, मलबा फैलता है और भारी संख्या में आने वाले जायरीन को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
नगर निगम की ओर से साफ किया गया है कि मेला क्षेत्र में प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भवन मालिक या ठेकेदार नियमों की अनदेखी करता है, तो निगम दल द्वारा तत्काल सीज की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि उर्स के दौरान सुरक्षा और सुचारू व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।
इस संबंध में नगर निगम के एक्सईएन रमेश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 दिसंबर को ख्वाजा साहब के उर्स का झंडा चढ़ाया जाएगा। इसके बाद उर्स की मुख्य गतिविधियां प्रारंभ हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि झंडा चढ़ने से पहले मेला क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को रोकना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है।
एक्सईएन रमेश चौधरी ने बताया कि सोमवार को करीब 13 भवनों को सीज किया गया है, जबकि इससे पहले 24 भवनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्स की पूरी अवधि के दौरान मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। उर्स समाप्त होने के बाद ही आगे की अनुमति पर विचार किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि उर्स के दौरान देश-विदेश से आने वाले जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है। भारी भीड़ के बीच यदि निर्माण कार्य चलता रहा, तो दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी कारण नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं।


