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जयपुर SMS अस्पताल हादसा- पीएम मोदी से लेकर गहलोत-राजे तक ने जताया दुख

जयपुर SMS अस्पताल हादसा- पीएम मोदी से लेकर गहलोत-राजे तक ने जताया दुख

शोभना शर्मा । राजधानी जयपुर के SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात हुई आगजनी की भयावह घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। न्यूरो आईसीयू वार्ड में लगी आग में आठ मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को गंभीर हालत में अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और चिकित्सा विभाग में अफरा-तफरी मच गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “जयपुर के अस्पताल में आग की त्रासदी के कारण लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने प्रियजन खोए हैं, उन्हें मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद देर रात SMS अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर में स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों एवं अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य के निर्देश दिए।

सीएम शर्मा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “जयपुर के SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रभावित लोगों की देखभाल और इलाज के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग देने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले – उच्च स्तरीय जांच जरूरी

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में लगी आग में सात लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में जनहानि कम से कम हो। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।”

गहलोत ने कहा कि “राज्य सरकार को इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसे दोबारा न हों।” उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह जनता के जीवन से जुड़ा मामला है।

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जताया दुख

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने एक्स पर लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आग लगने की हृदय विदारक घटना में मरीजों की जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”

वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि “SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से तीन महिलाओं सहित आठ लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। यह भीषण घटना मन को झकझोर देने वाली है। सरकार को तत्काल प्रभाव से मुआवजे और सुरक्षा सुधारों पर कदम उठाने चाहिए।”

कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा का सरकार पर हमला

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हादसे के बाद राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री अभी तक मौके पर नहीं पहुंचे। यह सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।” डोटासरा ने कहा कि “यह हादसा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई उजागर करता है। मंत्री निजी कंपनियों को बचाने में व्यस्त हैं जबकि निर्दोष मरीजों की जान जा रही है। सरकार को इस पर जवाब देना होगा।”

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिए जांच के आदेश

हादसे के करीब बारह घंटे बाद स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुखद है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।” उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।” मंत्री ने बताया कि सरकार की पूरी टीम सतर्क है और मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

गृह राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी रात में ही अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों की स्थिति जानी और मृतकों के परिजनों से बातचीत की। बेढम ने कहा कि “हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और हर संभव सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं।” परिजनों ने बताया कि मंत्रियों ने भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ है और उचित मुआवजा एवं सहायता दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की न्यायिक जांच की मांग

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि “जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई आगजनी की यह घटना न केवल एक मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की विफलता का उदाहरण है। सरकार को चाहिए कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो।”

उन्होंने कहा कि “हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की मॉनिटरिंग में करवाई जाए। जिनकी भी लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।”

शेखावत ने यह भी कहा कि “राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम और आपात प्रबंधन की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए। मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स भेजा जाए।”

हनुमान बेनीवाल बोले – यह सरकारी लापरवाही का परिणाम

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को राजस्थान के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता बताया। उन्होंने कहा कि “यह हादसा सिर्फ आगजनी नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का परिणाम है। हाल ही में कफ सिरप से हुई मौतों की तरह, यह घटना भी दर्शाती है कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है।”

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