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जयपुर में सीएम भजनलाल शर्मा ने किया श्री परशुराम ज्ञानपीठ का उद्घाटन

जयपुर में सीएम भजनलाल शर्मा ने किया श्री परशुराम ज्ञानपीठ का उद्घाटन

मनीषा शर्मा।  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में विप्र फाउंडेशन द्वारा स्थापित श्री परशुराम ज्ञानपीठ सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विजन, संकल्प पत्र और प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रदेशवासियों को कई बड़े संदेश दिए। सीएम ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार ने आने के साथ ही राज्य के किसानों, युवाओं और जरूरतमंदों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने सबसे पहले पानी और बिजली की समस्याओं पर काम शुरू किया।

2027 तक किसान होंगे ‘बिजलीदाता’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों को बिजली को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। रात के समय सिंचाई के लिए बिजली मिलने से उनकी दिनचर्या और उत्पादन प्रभावित होता है। इसी कारण सरकार ने संकल्प लिया है कि साल 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि बिजलीदाता भी बनें। आने वाले वर्षों में राजस्थान बिजली खरीदने वाला प्रदेश नहीं रहेगा बल्कि बिजली बेचने वाला प्रदेश बनेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस दिशा में कार्य तेजी से शुरू हो चुका है और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश लाए जा रहे हैं।

पानी की समस्या पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता पानी की समस्या को हल करना थी। इस दिशा में ईआरसीपी परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना और अन्य योजनाओं पर तेजी से काम किया गया है। उद्देश्य यह है कि राज्य में जल संरक्षण को बढ़ावा मिले और वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार में किसी भी तरह का पेपर लीक नहीं होगा। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि “हमारे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होगा।” उन्होंने स्वीकार किया कि पहले हुई घटनाओं से युवाओं को काफी नुकसान झेलना पड़ा, लेकिन अब इस समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

गरीब और पिछड़े परिवारों के लिए संकल्प

मुख्यमंत्री ने परशुराम ज्ञानपीठ सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था गरीब और पिछड़े परिवारों के उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनेगी, जिनमें कुछ करने का जज्बा है लेकिन आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियां उन्हें रोक देती हैं। उन्होंने कहा कि यह रिसर्च सेंटर केवल शिक्षा और शोध का केंद्र नहीं होगा बल्कि समाज में ज्ञान और संस्कृति को भी नई दिशा देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आसपास जरूरतमंद लोगों को सरकार की योजनाओं से जोड़े। चाहे वह बेरोजगार हो या किसी अन्य सहायता की जरूरत में, उसे राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करवाना समाज की जिम्मेदारी है।

पर्यावरण और गौ संरक्षण पर फोकस

सीएम ने इस अवसर पर यह भी बताया कि इस वर्ष सरकार का लक्ष्य 10 करोड़ पौधे लगाने का था, लेकिन अब तक 11.25 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले घरों में पहली रोटी गाय के लिए बनती थी। इसी परंपरा को जीवित रखने के लिए सरकार ने गौशालाओं में रह रही गायों के लिए अनुदान राशि को 34 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति गाय और बछड़ों के लिए 17 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए कर दिया है।

समाज को प्रेरित करने वाला संदेश

मुख्यमंत्री ने मंच से लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि आपके आसपास कोई जरूरतमंद व्यक्ति दिखाई दे तो उसे सरकार की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि चाहे वह स्किल डेवलपमेंट योजना हो, स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं हों या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं—इनसे जुड़कर जरूरतमंद व्यक्ति अपने जीवन को संवार सकते हैं।

विप्र फाउंडेशन की सराहना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजकों—विप्र फाउंडेशन—की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि श्री परशुराम ज्ञानपीठ सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च युवाओं के भविष्य की चिंता को दूर करने वाला संस्थान बनेगा। यहां से निकलने वाले प्रतिभाशाली बच्चे केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश को भी नई दिशा देंगे।

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