latest-newsअजमेरराजस्थान

दरगाह के आसपास संदिग्धों की पहचान: पुलिस का सर्वे अभियान जारी

दरगाह के आसपास संदिग्धों की पहचान: पुलिस का सर्वे अभियान जारी

शोभना शर्मा, अजमेर। अजमेर में स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह और उसके आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए पुलिस द्वारा व्यापक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को चिन्हित करना है, जो बिना वैध दस्तावेजों के वहां रह रहे हैं या जिनकी पहचान संदिग्ध है। दरगाह क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि यह इलाका धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

पुलिस सर्वे अभियान: मुख्य उद्देश्य

अजमेर की दरगाह थाना पुलिस के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत आस-पास के पहाड़ी इलाकों और दरगाह क्षेत्र में रह रहे बाहरी व्यक्तियों की जांच की जा रही है।

  • दस्तावेजों की जांच: बाहर से आकर रह रहे व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
  • संदिग्धों की पहचान: जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।
  • अपराधियों की धरपकड़: अभियान का उद्देश्य अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को पकड़ना है, जो अपनी पहचान छुपाकर यहां शरण ले सकते हैं।

अभी तक का कार्यान्वयन

दरगाह थानाधिकारी नरेंद्र जाखड़ ने बताया कि अब तक लगभग 400-500 व्यक्तियों का सर्वे किया जा चुका है।

  • सर्वे के क्षेत्र: दरगाह, अंदरकोट और सटे हुए पहाड़ी इलाकों में यह प्रक्रिया चल रही है।
  • जांच प्रक्रिया: जिन व्यक्तियों के दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं है, उनकी गहन जांच की जा रही है।
  • आगे की योजना: पूरा क्षेत्र कवर होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

विशेष आदेश और अभियान का कारण

यह अभियान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के आदेश पर शुरू किया गया है।

  • विशेष रूप से चिन्हित समूह: आदेश के तहत पुलिस को बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • 813वां उर्स समारोह: ख्वाजा गरीब नवाज का 813वां उर्स दिसंबर के अंत में शुरू होने वाला है, जिसके कारण सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
  • पुलिस की तैयारी: अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देश पर यह अभियान निरंतर जारी है।

सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने का प्रयास

दरगाह क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध है।

  1. आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा: उर्स के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।
  2. अपराध रोकथाम: अपराधियों द्वारा इस क्षेत्र का इस्तेमाल सुरक्षित पनाहगाह के रूप में न हो, इसके लिए सतर्कता जरूरी है।
  3. स्थानीय निवासियों की भागीदारी: स्थानीय लोगों को भी इस अभियान के तहत जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस अभियान की प्रक्रिया

  1. पहचान और दस्तावेज जांच: पुलिस ने पहाड़ी इलाकों और दरगाह क्षेत्र में जाकर व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की।
  2. रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड: जिन व्यक्तियों के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें रजिस्टर किया गया और उनकी जानकारी उच्च अधिकारियों को सौंपी गई।
  3. स्थानीय सहयोग: पुलिस स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहयोग ले रही है।

भविष्य की चुनौतियां और समाधान

संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और वेरिफिकेशन के इस अभियान में कई चुनौतियां हैं।

  • डॉक्यूमेंटेशन की कमी: कई बाहरी लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होते हैं।
  • प्रवासियों की बढ़ती संख्या: अजमेर जैसे धार्मिक स्थलों पर प्रवासियों की संख्या अधिक होती है।
  • अपराधियों का नेटवर्क: अपराधी प्रवृत्ति के लोग अक्सर ऐसे क्षेत्रों को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

इन समस्याओं का समाधान करने के लिए पुलिस ने सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है।

अजमेर पुलिस की मुस्तैदी और आने वाले उर्स का महत्व

813वें उर्स के दौरान लाखों श्रद्धालु ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर दर्शन करने आते हैं।

  • सुरक्षा को प्राथमिकता: पुलिस इस बात को सुनिश्चित कर रही है कि इस धार्मिक आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।

  • आधुनिक तकनीक का उपयोग: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading