शोभना शर्मा,अजमेर। अजमेर की एक दर्दनाक घटना में, 23 वर्षीय कशिश राठी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे उनकी तबीयत बिगड़ी, जब उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। कशिश को तुरंत जेएलएन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कौन थीं कशिश राठी?
कशिश सतगुरु टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी में इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर शिफ्ट में ऑनलाइन काम करती थीं। मौत से पहले वह सुबह 3 बजे काम खत्म कर सोई थीं। उनके पिता अनूप राठी अजमेर में किराने की दुकान चलाते हैं।
काम के दबाव और श्रम कानून का उल्लंघन
सतगुरु टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी में कर्मचारियों से श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए अत्यधिक काम लिया जा रहा है।
- श्रम कानून प्रावधान:
- किसी भी कर्मचारी से प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता।
- ओवरटाइम की सीमा प्रति तिमाही 125 घंटे तक है।
- कंपनी का रवैया:
- सूत्रों के अनुसार, कंपनी के कर्मचारी प्रति सप्ताह 72 घंटे तक काम करते हैं।
- लगातार काम के दबाव के कारण कर्मचारी तनाव, अनिद्रा, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि रात की शिफ्ट, तनाव, और पर्याप्त नींद न मिलने से युवाओं में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कशिश राठी की मौत इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण है।
प्रशासन और श्रम विभाग की जिम्मेदारी
यह घटना प्रशासन और श्रम विभाग के लिए एक चेतावनी है।
- प्रशासन की भूमिका:
- कंपनी की कार्यप्रणाली की सख्ती से जांच होनी चाहिए।
- श्रम कानूनों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
- मौजूदा सवाल:
- क्या कंपनियों को कर्मचारियों की सेहत के साथ खिलवाड़ की अनुमति है?
- क्या श्रम विभाग नियमित निरीक्षण कर रहा है?
सतर्कता और सुधार की आवश्यकता
युवाओं के स्वास्थ्य और जीवन को सुरक्षित रखने के लिए कंपनियों को जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है। इसके साथ ही, कर्मचारियों को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए।


