राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर तेज होती नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में मूंडवा क्षेत्र में प्रगणकों के प्रशिक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। आगामी 16 मई से प्रारंभ होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में ब्लॉक स्तर के 80 प्रगणकों को शामिल किया गया है, जिन्हें जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित किया जा रहा है, जहां प्रगणकों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ चार्ज अधिकारी एवं मूंडवा तहसीलदार बुधाराम सोउ ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित प्रगणकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला होती है, इसलिए इसे पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ करना बेहद आवश्यक है।
तहसीलदार बुधाराम सोउ ने अपने संबोधन में जनगणना 2027 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रक्रिया केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सरकार को सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों की सटीक जानकारी प्राप्त होती है। यही आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रगणकों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण के दौरान सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक समझें और फील्ड में कार्य करते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य नवीन कुमार पूनियां और सीबीईओ नृसिहराम भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रतिभागियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे प्रशिक्षण को बेहतर तरीके से समझ सकें।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रगणकों को जनगणना की मूल अवधारणा, इसके कानूनी पहलुओं और इसके संचालन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें विभिन्न भौगोलिक सीमाओं की पहचान और उनके ग्राउंड स्तर पर लेआउट तैयार करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है। यह प्रशिक्षण इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि प्रगणकों को वास्तविक परिस्थितियों में सटीक आंकड़े एकत्र करने के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।
आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल माध्यमों का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसी के तहत प्रगणकों को मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टाल करने और उसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि किस प्रकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संग्रहण को सरल, तेज और अधिक सटीक बनाया जा सकता है। इसके साथ ही मानचित्र तैयार करने और डेटा को व्यवस्थित करने के तरीके भी समझाए जा रहे हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर के रूप में अशोक फिडौड़ा, सुरेश कुमार, राकेश चौधरी और बस्तीराम खोजा अपनी भूमिका निभा रहे हैं। ये सभी प्रशिक्षक प्रगणकों को व्यावहारिक अनुभव के आधार पर प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे उन्हें फील्ड में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में आसानी हो सके।


