शोभना शर्मा, अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर से कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें चार युवक बाइक पर सवार होकर ख्वाजा ग़रीब नवाज़ के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दिए थे। यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे शहर में तनाव का माहौल बन गया था और समुदाय विशेष के लोगों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए अजमेर दरगाह की संस्था ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार में से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
मुस्लिम संस्था ने की थी शिकायत
अजमेर की प्रसिद्ध संस्था अंजुमन यादगार चिश्तिया शेख जादगान खुद्दाम ख्वाजा गरीब नवाज ने अलवर गेट थाने में इस वीडियो को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। संस्था का कहना था कि इस वीडियो से न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि सभी धर्मों के लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। संस्था ने इसे सामाजिक और धार्मिक सौहार्द के खिलाफ बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। थाना अधिकारी नरेंद्र जाखड़ ने इस मामले को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए तत्काल एक विशेष टीम गठित की। टीम ने तेजी से जांच शुरू की और वीडियो में दिख रहे चार युवकों में से तीन की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए युवक
पुलिस टीम ने जिन युवकों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं —
निखिल पुत्र विकास, निवासी कालू की ढाणी (उम्र 18 वर्ष)
दिव्यांशु पुत्र दिनेश (उम्र 18 वर्ष)
नवीन पुत्र नरेंद्र मेघवंशी, निवासी गुलाब बाड़ी (उम्र 18 वर्ष)
इन तीनों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि चौथे युवक की तलाश अब भी जारी है।
विवाद समाप्त करने की पहल
गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों ने पूछताछ के दौरान अपनी गलती स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों और परिजनों की मौजूदगी में युवकों से माफी मंगवाई गई। कैमरे के सामने युवकों ने हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इस दौरान उनके माता-पिता और रिश्तेदार भी मौजूद थे। माफी मांगते समय युवकों ने यह वादा किया कि वह भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी इस गलती से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे उसके लिए खेद प्रकट करते हैं।
हिंदू-मुस्लिम भाईचारा का नारा
माफी मांगने के इस वीडियो में युवकों ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कायम रखने का नारा भी लगाया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी इस नारे में सहभागिता की और समाज से अपील की कि इस वीडियो को दोबारा वायरल न किया जाए और न ही इस पर किसी तरह की टिप्पणी की जाए। इस पहल से यह विवाद पूरी तरह शांत हो गया। दोनों समुदायों के लोगों ने सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखने का संकल्प लिया।
प्रशासन और समाज की भूमिका
अजमेर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए युवकों को गिरफ्तार कर यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, समाज के दोनों वर्गों की समझाइश और आपसी बातचीत ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने में बड़ी भूमिका निभाई।


