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जालोर में योगी आदित्यनाथ का संबोधन

जालोर में योगी आदित्यनाथ का संबोधन

राजस्थान के जालोर जिले की कनकांचल पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित महायज्ञ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने यज्ञ में आहुति दी और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक परंपराओं, सनातन संस्कृति और समाज को जोड़ने वाले मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज है, जिसने वीरांगनाओं के आत्मसम्मान और बलिदान की गौरवगाथा को अमर बना दिया है। उन्होंने राजस्थान की वीरभूमि की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की परंपराएं देश के इतिहास और संस्कृति में विशेष स्थान रखती हैं।

जौहर परंपरा का उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज रहा है। इस परंपरा में वीरांगनाओं के साहस और आत्मसम्मान की अद्भुत मिसाल देखने को मिलती है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि महारानी पद्मिनी ने अलाउद्दीन खिलजी के समय चित्तौड़गढ़ में वीरांगनाओं के साथ जौहर कर अपने आत्मसम्मान की रक्षा की थी।

उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल चित्तौड़गढ़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि जालोर सहित राजस्थान के कई क्षेत्रों में वीरता और बलिदान की ऐसी घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं। योगी ने कहा कि राजस्थान की यह विरासत देश के गौरव का प्रतीक है।

सिरे मंदिर की अद्भुत कारीगरी

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने सिरे मंदिर की स्थापत्य कला और कारीगरी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मंदिर की बारीक नक्काशी और शिल्पकला दुर्लभ और अद्भुत है, जिसे देखने के लिए देश और दुनिया से लोग यहां आते हैं।

उन्होंने बताया कि जोधपुर के तत्कालीन शासक महाराजा मानसिंह ने यहां शिलालेखों के माध्यम से इतिहास को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। उस समय इस कार्य पर करीब 3 लाख 51 हजार रुपये खर्च किए गए थे, जो आज के समय में करोड़ों रुपये के बराबर माने जा सकते हैं।

बंदरों को खाना खिलाने का जिक्र

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रास्ते में बंदरों को खाना भी खिलाया। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंदरों के व्यवहार से भी मनुष्य को सीख मिल सकती है।

उन्होंने बताया कि एक बंदर को जब रोटी दी गई तो उसने दूसरी रोटी तब तक नहीं ली जब तक पहली खत्म नहीं कर ली। योगी ने कहा कि मनुष्य भी यदि अपने जीवन में अनावश्यक संचय और लालच से बचकर जरूरतमंदों तक संसाधन पहुंचाने का भाव रखे, तो समाज में अशांति और अराजकता को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोभ से बचना भी एक प्रकार की साधना है।

नशे और स्मार्टफोन से दूर रहने की सलाह

योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग और व्यायाम जीवन को व्यवस्थित और संतुलित बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि अत्यधिक स्मार्टफोन का उपयोग समय और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है। इससे आंखों पर असर पड़ता है और सोचने की क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि आज कई लोग मोबाइल गेम और डिजिटल लत के कारण अवसाद का शिकार हो रहे हैं। इसलिए स्मार्टफोन का सीमित उपयोग करना चाहिए और परिवार के साथ समय बिताना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि पूजा और भोजन के समय मोबाइल फोन को दूर रखें और आवश्यक होने पर बाद में कॉल कर लें।

भारत की आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में जन्म लेना अपने आप में दुर्लभ अवसर है। उन्होंने कहा कि दुनिया में लगभग 200 देश हैं, लेकिन भारत जैसा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश कहीं और नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में ऋषि-मुनियों, संतों और योगियों की एक लंबी परंपरा रही है। यहां व्यक्ति अपने गोत्र और परंपरा के माध्यम से ऋषियों से जुड़ता है और समाज में परिवार और अपनत्व का भाव मजबूत होता है।

योगी ने कहा कि धर्म समाज को जोड़ने का माध्यम होना चाहिए। जातियां समाज को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का एक माध्यम हैं, लेकिन जातिवाद उस व्यवस्था को विकृत कर देता है।

राम मंदिर और राजस्थान की वीरभूमि

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर अयोध्या के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक इस विषय पर विवाद चलता रहा, लेकिन जब देश के लोग एकजुट हुए तो 500 साल पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सका।

उन्होंने राजस्थान को वीरभूमि बताते हुए कहा कि इस प्रदेश ने सदियों तक देश की स्वतंत्रता और मातृभूमि की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। आज भी यहां के युवा भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत

कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया। मंच पर उन्हें लगभग 5 किलो फूलों से बने विशाल हार पहनाकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अनेक संत-महंत और साधु भी उपस्थित रहे। इनमें सिरे मंदिर के पीर गंगानाथ महाराज, बाबा बालकनाथ महाराज, संत आनंदनाथ महाराज, ईश्वरनाथ महाराज और अन्य धार्मिक हस्तियां शामिल थीं। इसके अलावा राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

जालोर दौरे का दूसरा दिन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जालोर दौरे के दूसरे दिन भी सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे वे मंच पर पहुंचे और लगभग 40 मिनट तक धर्मसभा को संबोधित किया।

कार्यक्रम के बाद वे दोपहर करीब 12:30 बजे सिरे मंदिर रोड स्थित आदर्श बालिका स्कूल के हेलीपैड पहुंचे, जहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जोधपुर के लिए रवाना हो गए।

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