दुनिया में प्रसिद्ध जयपुर की गणगौर सवारी

शोभना शर्मा। देश दुनिया में प्रसिद्ध जयपुर (Jaipur) की गणगौर (Gangaur) की सवारी 11 अप्रैल को निकल जाएगी 12 अप्रैल को निकलेगी बुढ़ी गणगौर की सवारी।

गणगौर की सवारी 
जयपुर में हर साल निकाली जाने वाली गणगौर की सवारी न केवल राजस्थान बल्कि देश और दुनिया में प्रसिद्ध है। अध्यात्म की दृष्टि से देखा जाए तो गणगौर राजस्थान का एक विशेष त्यौहार है जो राजस्थानी संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित करता है। इस सवारी में मुख्य रूप से विवाहित और अविवाहित महिलाएं ईसर गणगौर की प्रतिमा को अपने सिर पर रखकर जुलूस का हिस्सा बनती है आपको बता दें कि गणगौर में शिव और पार्वती की पूजा ईसर गणगौर के रूप में की जाती है।

प्रशासनिक तैयारी
जयपुर के कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित के अनुसार 11 अप्रैल को गणगौर और 12 अप्रैल को बुद्धि गणगौर की सवारी निकाली जाएगी जिसके लिए पुलिस उपायुक्त उत्तर को सवारी के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द, कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है साथ ही यातायात उपायुक्त को यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने और यातायात पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देशक को सवारी के मार्ग में विद्युत तारों को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा नगर निगम और सरकारी विभाग को सवारी के मार्ग में बैरिकेट्स लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।

विदेशी पर्यटक भी होते हैं शामिल
जयपुर की प्रसिद्ध गणगौर की सवारी में देसी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों के भी आकर्षण का केंद्र होती है यही कारण है कि कई विदेशी पर्यटक जयपुर की इस कई विदेशी पर्यटक इस सवारी में शामिल होते हैं। विदेशी पर्यटकों की लिए जयपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग (Tourism Department) द्वारा अलग से व्यवस्था की जाती है।

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