जयपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने यह बात जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो भारतीय लोकतंत्र में एक बड़ा परिवर्तन साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और अब यह अधिनियम उस दिशा में एक ठोस कदम है। उनका मानना है कि जब महिलाएं शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और नीति निर्माण जैसे क्षेत्रों में सीधे तौर पर शामिल होंगी, तो नीतियों में अधिक संवेदनशीलता और संतुलन देखने को मिलेगा।
भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि यह अधिनियम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और समाज में बेटियों के प्रति सोच में बदलाव आया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। इसी प्रकार जनधन योजना के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अब 33 प्रतिशत आरक्षण के जरिए महिलाओं को राजनीतिक रूप से भी मजबूत बनाया जा रहा है, जो समाज में व्यापक परिवर्तन लाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए एक नई युवा नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को 50 हजार से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। सरकार का लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में 4 लाख और निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में एक विशेष अभियान से जुड़ने की अपील भी की। उन्होंने 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर इस अधिनियम के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है। उनके अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सोच में परिवर्तन लाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि अब बेटियां न केवल शिक्षा प्राप्त करेंगी, बल्कि सांसद और विधायक बनकर देश का नेतृत्व भी करेंगी।
दिया कुमारी ने महिलाओं और बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनके सामने अवसरों के द्वार खुल चुके हैं और उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से अपने मोबाइल निकालकर 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल करने का आह्वान किया, जिससे वे इस अधिनियम के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकें।


