शोभना शर्मा, अजमेर। पुष्कर मेला 2024 का आयोजन राजस्थान के अजमेर जिले के विश्वविख्यात तीर्थस्थल पुष्कर में हो रहा है, जो देश और विदेश से आए पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। हर साल आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार भी सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं का रंग देखने को मिला। पुष्कर मेले में जहां पुरुषों की मूंछों की प्रतियोगिता से लोगों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं महिलाओं के लिए मटका दौड़ और कुर्सी दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसने वहां के माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।
मटका दौड़ प्रतियोगिता में विदेशी महिलाओं का जोश
पुष्कर मेले में आयोजित मटका दौड़ प्रतियोगिता में कुल 23 महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिसमें 15 भारतीय और 8 विदेशी महिलाएं शामिल थीं। मटका दौड़ में महिलाएं सिर पर पानी से भरा मटका लेकर दौड़ती हैं। इस रोमांचक दौड़ में राजस्थान के बांदरसिंदरी कस्बे की आचुकी जाट ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि दूसरा स्थान नीदरलैंड की एवी और तीसरा स्थान इंग्लैंड की लकी ने प्राप्त किया। विदेशी और भारतीय महिलाओं के बीच इस प्रतियोगिता में खासा जोश और उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने इस प्रतियोगिता का आनंद लिया और पुष्कर मेला मैदान में महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।
कुर्सी दौड़ में विदेशी महिला ने बाजी मारी
मटका दौड़ के बाद पुष्कर मेले में कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 45 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें 34 स्थानीय और 9 विदेशी महिलाएं शामिल थीं। कुर्सी दौड़ में महिलाएं फिल्मी गानों की धुन पर नृत्य करती हैं, और जैसे ही संगीत बंद होता है, उन्हें एक कुर्सी पर बैठ जाना होता है। जो महिला कुर्सी पर नहीं बैठ पाती, वह प्रतियोगिता से बाहर हो जाती है। इस रोमांचक म्यूजिकल चेयर रेस में इज़रायल की यह लाल डोरी ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि दूसरे स्थान पर जयपुर की यशोदा और तीसरे स्थान पर जोधपुर की सीमा रहीं।
अंतर पंचायत समिति खेलकूद प्रतियोगिता का फाइनल
पुष्कर मेले में खेलकूद का आयोजन केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। यहां अंतर पंचायत समिति खेलकूद प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, जिसमें रस्साकशी, कबड्डी और वॉलीबॉल के फाइनल मैच आयोजित किए गए। रस्साकशी प्रतियोगिता का फाइनल श्रीनगर और मसूदा पंचायत समितियों के बीच खेला गया, जिसमें श्रीनगर ने जीत दर्ज की। इसके बाद कबड्डी प्रतियोगिता में मसूदा की टीम ने श्रीनगर को पराजित किया और विजयी रही। वॉलीबॉल में भी मसूदा की टीम ने श्रीनगर को हराकर जीत अपने नाम की।
इन सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, पशु विभाग, और जिला प्रशासन की ओर से किया गया। प्रतियोगिताओं के समापन के बाद पंचायत समिति की ओर से सभी विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान की गई।
पुष्कर मेले का सांस्कृतिक महत्व और आकर्षण
पुष्कर मेला केवल खेलकूद प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है; यह मेले की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक महत्व को भी संजोता है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं और पुष्कर के अद्भुत वातावरण का आनंद लेते हैं। मेला पर्यटकों के बीच एक अनोखा आकर्षण बना हुआ है, जहां भारत की ग्रामीण संस्कृति, खेलकूद, और पारंपरिक मेले का आनंद लिया जा सकता है।
देश और विदेश से आए पर्यटक यहां की विविधता और संस्कृति को नजदीक से देखने का अवसर पाते हैं। यही कारण है कि पुष्कर मेला न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में विश्वविख्यात है।
विदेशी पर्यटकों की भागीदारी बढ़ा रही है मेले का आकर्षण
पुष्कर मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी भारी संख्या में हिस्सा लेते हैं और मेले के विविध आयोजनों में भाग लेते हैं। चाहे मटका दौड़ हो, कुर्सी दौड़ हो या अन्य प्रतियोगिताएं, विदेशी पर्यटकों की भागीदारी मेले की शोभा को और भी बढ़ा देती है। इसके साथ ही यह मेले के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है।
पुष्कर मेले में विदेशी पर्यटकों के शामिल होने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मेले की प्रसिद्धि भी बढ़ रही है। विदेशी पर्यटक यहां की संस्कृति और मेले के आयोजनों का आनंद लेते हैं और इसे अपने देश में भी प्रचारित करते हैं। मेले में भाग लेने वाली विदेशी महिलाओं ने भी मटका दौड़ और कुर्सी दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे स्थानीय लोगों और अन्य पर्यटकों का उत्साह और बढ़ गया।
राजस्थान का पुष्कर मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक आयोजन है जो भारत की परंपरा और संस्कृति का परिचायक है। मटका दौड़ और कुर्सी दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं मेले को और भी रोमांचक बनाती हैं। इस मेले में विदेशी पर्यटकों की भागीदारी भारत की सांस्कृतिक विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में सहायक सिद्ध होती है।


