शोभना शर्मा। राजस्थान में सर्दी लगातार अपने चरम पर है। बुधवार को राज्य के कई जिलों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। अलवर, जालौर, बाड़मेर, प्रतापगढ़ सहित 20 से अधिक शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। सबसे ज्यादा असर नागौर, फतेहपुर, माउंट आबू और सीकर में देखने को मिला, जहाँ न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से भी कम रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, यह ठंड अगले दो दिनों यानी गुरुवार और शुक्रवार तक इसी तरह बनी रहेगी। तेज सर्द हवाओं के कारण सुबह और रात के समय लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
माउंट आबू, नागौर और फतेहपुर में सबसे ज्यादा ठंड
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के सबसे ठंडे स्थान माउंट आबू, नागौर और फतेहपुर रहे। माउंट आबू में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। नागौर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री और फतेहपुर में 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
इन इलाकों में सुबह-सुबह धुंध के साथ तेज ठंडी हवाएँ चल रही हैं, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। शेखावाटी और मारवाड़ के कई कस्बों में तो लोग सुबह की दिनचर्या देर से शुरू कर रहे हैं।
अन्य शहरों में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट
फतेहपुर और नागौर के अलावा कई अन्य शहर भी ठंड की चपेट में हैं। सीकर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। लूणकरणसर में 5.1 डिग्री, दौसा में 5.7 डिग्री, जालौर में 5.9 डिग्री और करौली में 6.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम चल रहा है, जिसके कारण कड़ाके की ठंड का असर व्यापक रूप से महसूस किया जा रहा है।
दिन में धूप से मिली थोड़ी राहत
सुबह और शाम की ठंड के बीच दिन के समय लोगों को कुछ राहत भी मिल रही है। बुधवार को आसमान साफ रहने के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में धूप खिली रही। धूप निकलने के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
बाड़मेर में दिन का तापमान सबसे अधिक 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे यहां सर्दी का असर कम महसूस हुआ। हालांकि, सुबह-शाम की ठंड अभी भी हावी है।
12 दिसंबर से मिल सकती है हल्की राहत
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 12 दिसंबर से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाने की संभावना है। इस सिस्टम के कारण उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं कुछ कमजोर होंगी, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी और लोगों को कड़ाके की ठंड से मामूली आराम मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, दिन और रात के तापमान में पूरी तरह सुधार होने में अभी कुछ और दिनों का समय लग सकता है।


