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अजमेर में श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन: किसानों-पशुपालकों का महाकुंभ

अजमेर में श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन: किसानों-पशुपालकों का महाकुंभ

शोभना शर्मा, अजमेर।  राजस्थान में किसानों और पशुपालकों की आवाज को बुलंद करने के लिए रविवार को अजमेर के तबीजी स्थित पशु आहार केंद्र के निकट गार्डन में श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महाकुंभ में न सिर्फ अजमेर बल्कि पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में किसान और दुग्ध उत्पादक शामिल हुए। मूसलाधार बारिश के बावजूद भीगते हुए किसान-पशुपालक सम्मेलन स्थल पर डटे रहे और सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने की। वहीं, सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ सहित अजमेर जिले के कांग्रेस नेताओं और प्रदेशभर के जिला दुग्ध संघ अध्यक्षों की मौजूदगी रही।

भाजपा सरकार पर बरसे टीकाराम जूली

सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी दुगनी करने का वादा करने वाली सरकार आज किसानों को खून के आँसू रुला रही है।

जूली ने आरोप लगाया कि—

  • किसानों को खाद तक नहीं मिल रही है और जहां मिल रही है वहां नकली खाद दी जा रही है।

  • कांग्रेस सरकार ने किसानों को ₹5 बोनस देना शुरू किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे रोक दिया।

  • दूध संबल योजना की राशि भी किसानों को नहीं दी जा रही है।

  • बड़े उद्योगपतियों को राहत देने वाली सरकार गरीबों की पेंशन, किसानों का बोनस और बच्चों की छात्रवृत्ति तक रोक रही है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराध तेजी से बढ़ रहा है और माफिया खुलेआम फल-फूल रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है।

बाढ़ और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठाए सवाल

टीकाराम जूली ने प्राकृतिक आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि—

  • बाढ़ पीड़ितों को अब तक राहत नहीं मिली है।

  • मुख्यमंत्री के पास दिल्ली जाने का समय है, लेकिन अपने ही राज्य के पीड़ितों से मिलने का समय नहीं है।

  • अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है और बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।

जूली ने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और जनता को केवल भरोसे में लेकर धोखा दिया जा रहा है।

दुग्ध उत्पादकों की प्रमुख माँगें

सम्मेलन में किसानों और दुग्ध उत्पादकों की ओर से कई महत्वपूर्ण माँगें उठाई गईं। इनमें सबसे अहम थी बकाया भुगतान और योजनाओं की बहाली।

  • मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना की ₹320 करोड़ की बकाया राशि का तत्काल भुगतान।

  • मिड-डे मील योजना की ₹320 करोड़ बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान।

  • अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को चारा अनुदान और फसल बीमा राशि देना।

  • डेयरी क्षेत्र को कृषि क्षेत्र में शामिल करना।

  • IDS कैडर की स्थापना और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती शुरू करना।

  • किसानों को सेक्स-सॉर्टेड सीमन निशुल्क उपलब्ध कराना और लावारिस सांडों का बंध्याकरण सुनिश्चित करना।

इन माँगों को किसानों ने अपनी जिंदगी और रोज़गार से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि अगर इन्हें पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सम्मेलन का संदेश – किसान और पशुपालक एकजुट

श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन को प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों और किसानों का एक बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। भारी बारिश के बावजूद किसानों का डटे रहना इस बात का संकेत था कि अब वे चुप नहीं बैठने वाले। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों और पशुपालकों के साथ खड़ी रही है और उनकी आवाज को विधानसभा से लेकर सड़कों तक बुलंद करेगी।

रामचंद्र चौधरी का आह्वान

कार्यक्रम के अंत में अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि— “यह महाकुंभ सिर्फ सम्मेलन नहीं बल्कि चेतावनी है। अब किसान और दुग्ध उत्पादक अपने हक की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक ले जाएंगे। जब तक हर माँग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।” चौधरी ने किसानों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई में एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि डेयरी और कृषि क्षेत्र राजस्थान की रीढ़ हैं और इन्हें नजरअंदाज करना राज्य की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है।

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