शोभना शर्मा। जोधपुर सोमवार को अचानक बिगड़े मौसम की वजह से सुर्खियों में आ गया। यहां आने वाली हैदराबाद-जोधपुर फ्लाइट को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। फ्लाइट में बैठे यात्रियों को करीब 20 मिनट तक आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाना पड़ा। अंततः एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सलाह पर पायलट ने विमान को उदयपुर डायवर्ट कर सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस दौरान यात्रियों में घबराहट साफ झलक रही थी, लेकिन पायलट और केबिन क्रू लगातार सभी को भरोसा दिलाते रहे कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
क्या था पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निजी विमानन कंपनी की यह फ्लाइट सोमवार दोपहर 2:37 बजे हैदराबाद एयरपोर्ट से रवाना हुई थी। तय शेड्यूल के अनुसार इसे शाम 4:30 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचना था। लेकिन जैसे ही विमान जोधपुर एयरस्पेस के करीब पहुंचा, मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं और खराब दृश्यता के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। करीब 20 मिनट तक पायलट ने लगातार ATC से संवाद बनाए रखा और आसमान में विमान को घुमाता रहा। लेकिन जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो विमान को तुरंत उदयपुर डायवर्ट करने का फैसला लिया गया।
यात्रियों में घबराहट का माहौल
लगातार चक्कर लगाते देख यात्रियों में बेचैनी और घबराहट बढ़ गई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी, जबकि कई लोग क्रू से लगातार सवाल पूछते रहे—“आखिर हो क्या रहा है?” इस पर स्टाफ ने स्पष्ट किया कि खराब मौसम के कारण लैंडिंग संभव नहीं है और सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को उदयपुर डायवर्ट किया जा रहा है। इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था। नागौर निवासी यात्री कमल भाटी ने बताया कि “लगातार 20 मिनट तक आसमान में चक्कर काटना हमारे लिए बेहद तनाव भरा था। हालांकि क्रू का व्यवहार संतुलित रहा और उन्होंने समय-समय पर हमें भरोसा दिलाया।”
सुरक्षित उतरा विमान, यात्रियों को मिली राहत
करीब 230 यात्रियों से भरी यह फ्लाइट आखिरकार उदयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी। विमान के उतरते ही सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। विमानन कंपनी की ओर से यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी गई और उन्हें रिफ्रेशमेंट पैकेट भी उपलब्ध कराए गए। शाम करीब पौने सात बजे यह सूचना दी गई कि मौसम सुधरने के बाद फ्लाइट जोधपुर के लिए दोबारा उड़ान भरेगी। यानी जोधपुर पहुंचने से पहले यात्रियों को ‘मजबूरी का उदयपुर टूर’ मिल गया।
‘सरप्राइज’ सफर में रोमांच से ज्यादा तनाव
हालांकि यह अतिरिक्त सफर यात्रियों के लिए किसी सरप्राइज टूर जैसा था, लेकिन इसमें रोमांच से ज्यादा तनाव शामिल रहा। कई यात्री अपने कामकाज और कार्यक्रमों में देरी को लेकर परेशान दिखे। वहीं बुजुर्ग और बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों के लिए यह अनुभव और भी कठिन साबित हुआ।
मौसम ने क्यों बिगाड़ा खेल?
जोधपुर में सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादलों की घनी परत छा गई। दृश्यता बेहद कम होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में इस तरह की स्थिति अक्सर बनती है। ऐसे हालात में विमान को सुरक्षित जगह डायवर्ट करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
यात्रियों की सुरक्षा रही पहली प्राथमिकता
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। पायलट ने स्थिति को संभालते हुए किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया और सही समय पर विमान को उदयपुर डायवर्ट कर सुरक्षित लैंडिंग कराई।


