राजस्थान समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। जनवरी के महीने में जारी शीतलहर और बर्फीली हवाओं से लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सर्द हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ेगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इससे सुबह और शाम की तेज सर्दी से कुछ हद तक राहत मिलेगी। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है, क्योंकि इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है और बारिश की संभावना जताई गई है।
शीतलहर होगी कमजोर, तापमान में बढ़ोतरी
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल उत्तर भारत में सक्रिय शीतलहर का असर कम होने लगा है। बर्फीली हवाओं की तीव्रता घटेगी, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खासतौर पर मैदानी इलाकों में दिन के तापमान में इजाफा होगा और धूप की तीव्रता बढ़ेगी। इससे लोगों को सुबह-शाम की कड़ाके की ठंड से राहत मिलेगी।
बीते 24 घंटों का मौसम हाल
पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो राजस्थान के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में मौसम का मिजाज कुछ बदला-बदला नजर आया। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चूरू और झुंझुनूं के कुछ इलाकों में आंशिक बादल छाए रहे। इन क्षेत्रों में धूप अपेक्षाकृत कमजोर रही, जिससे ठंड का अहसास बना रहा। वहीं राज्य के शेष अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा और दिन में तेज धूप खिली, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
22 जनवरी से सक्रिय होगा मजबूत वेदर सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी से राजस्थान में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इस वेदर सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में मावठ की बारिश होने की संभावना है। मावठ की बारिश रबी की फसलों के लिए लाभदायक मानी जाती है, लेकिन इसके साथ ठंड का असर फिर से बढ़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 22 से 24 जनवरी के दौरान राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसके कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
किन इलाकों में कब होगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 और 23 जनवरी को जोधपुर, बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में आकाशीय बिजली के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है। वहीं 23 और 24 जनवरी के दौरान बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। इस दौरान शेखावाटी क्षेत्र के अलावा जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर और करौली जिलों में भी बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
मावठ का असर किसानों के लिए अहम
राजस्थान में जनवरी महीने की मावठ की बारिश किसानों के लिए खास महत्व रखती है। रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि अधिक बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में फसलों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
आगे क्या रहेगा मौसम का रुख
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद एक बार फिर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश के बाद रात के तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने से मौसम सामान्य होने लगता है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में राजस्थान और उत्तर भारत में मौसम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पहले सर्दी से राहत, फिर मावठ की बारिश और उसके बाद तापमान में गिरावट का दौर लोगों को मौसम के उतार-चढ़ाव का एहसास कराएगा। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।


