राजस्थान में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गुरुवार को अलवर जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। पिछले कई दिनों से तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान से परेशान लोगों को उस समय राहत मिली जब दोपहर बाद खैरथल-तिजारा क्षेत्र सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मौसम बदल गया। अचानक आसमान में घने बादल छा गए और कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
अलवर जिले के हरसौली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं। तेज गर्मी के बीच अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने लोगों को हैरान भी किया और राहत भी दी। बीते तीन दिनों से जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा था और दिन के समय गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई थी। ऐसे में बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया।
दोपहर बाद चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर लोग सुरक्षित जगहों की तलाश करते नजर आए। राहगीरों और वाहन चालकों ने बारिश और धूलभरी हवाओं से बचने के लिए दुकानों, छज्जों और पेड़ों की आड़ ली। कुछ इलाकों में हवा इतनी तेज चली कि सड़क किनारे लगे छोटे बोर्ड और अस्थायी ढांचे भी हिलने लगे। हालांकि मौसम में आए इस बदलाव से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी।
बारिश शुरू होते ही बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए और कई जगह लोगों को बारिश का आनंद लेते देखा गया। लंबे समय बाद मौसम में आई ठंडक ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया। किसानों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया था, लेकिन बारिश और ठंडी हवाओं से अब कुछ राहत महसूस हो रही है।
मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 28 मई से राजस्थान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई देगा। इस सिस्टम के प्रभाव से आगामी दिनों में आंधी, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 29 मई से 31 मई के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज अंधड़ चलने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में हीटवेव का असर जारी रह सकता है। विशेष रूप से बीकानेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान इस प्रकार के मौसम परिवर्तन सामान्य माने जाते हैं, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आंधी और बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी हो सकती हैं। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर कम होने की उम्मीद है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर लोगों को अपडेट जारी किए जा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में मौसम बदलने के बाद जनजीवन में भी हलचल दिखाई देने लगी। पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक गर्मी के कारण लोग दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर थे। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दे रही थी। लेकिन गुरुवार को बारिश और ठंडी हवाओं के बाद शाम के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
अलवर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम के इस बदलाव ने लोगों को गर्मी और लू से बड़ी राहत दी है। आने वाले दिनों में यदि पश्चिमी विक्षोभ का असर और बढ़ता है तो प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल लोग राहत भरे मौसम का आनंद ले रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह गर्मी से राहत मिलती रहेगी।


