कोटा जिले में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए गए मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जिला निर्वाचन विभाग के अनुसार, कुल 52 हजार से अधिक आवेदन विभिन्न श्रेणियों में दर्ज किए गए, जिनका निस्तारण कर आयोग को भेज दिया गया है। अब जिले में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी को किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत कोटा जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में यह विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने या नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई।
15 लाख से अधिक मतदाताओं की सूची का पुनरीक्षण
जिले की छह विधानसभाओं में कुल 15 लाख 32 हजार 550 मतदाता पंजीकृत हैं। पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 13 लाख 72 हजार 762 मतदाताओं ने आवेदन भरकर जमा करवाए। इसके बाद 16 दिसंबर को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। प्रारूप प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक दलों और आमजन को दावे व आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया गया। 15 जनवरी तक निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए गए। इस दौरान कुछ राजनीतिक दलों ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए थे।
52 हजार से अधिक दावे और आपत्तियां
उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह यादव ने जानकारी दी कि निर्धारित अवधि में कुल 52,533 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक आवेदन फार्म 6 के अंतर्गत आए, जिनकी संख्या 33,180 रही। फार्म 8 के तहत 13,386 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि फार्म 7 में 5,967 दावे और आपत्तियां दर्ज की गईं। सभी आवेदनों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निस्तारण किया गया है ताकि अंतिम सूची में त्रुटियां न रहें।
अंतिम सूची 21 फरवरी को होगी जारी
पहले मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी को प्रस्तावित था। हालांकि निर्वाचन आयोग से सूची डाउनलोड करने संबंधी सूचना समय पर प्राप्त नहीं हो सकी। इसी बीच आयोग ने अंतिम प्रकाशन की तिथि 14 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी। अब कोटा जिले की अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आगामी चुनावी तैयारियों के लिए अद्यतन मतदाता सूची उपलब्ध हो सकेगी।
राजनीतिक सरगर्मी के बीच प्रशासन की तैयारी
मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगाए गए आरोपों और आपत्तियों के बीच जिला निर्वाचन विभाग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि सभी दावों और आपत्तियों का विधिसम्मत निस्तारण किया गया है, ताकि किसी भी मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो। अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ ही जिले में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


