राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार दोपहर जोधपुर पहुंचीं। संयोग यह रहा कि उसी फ्लाइट में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे। जैसे ही दोनों नेता एयरपोर्ट से बाहर निकले, उनके एक साथ दिखाई देने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। एयरपोर्ट परिसर में मौजूद कार्यकर्ता भी उत्साहित हो उठे और राजे के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। राजस्थान बीजेपी में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में दोनों नेताओं का एक ही फ्लाइट से उतरना और साथ में बाहर आना स्वाभाविक रूप से सियासी विश्लेषणों को तेज कर गया। हालांकि एयरपोर्ट पर दिखी यह नजदीकी सिर्फ कुछ क्षणों तक ही रही, क्योंकि थोड़ी ही देर बाद शेखावत अलग वाहन में बैठकर आगे रवाना हो गए।
विकास के सवाल पर राजे का जवाब टालना चर्चा का विषय बना
एयरपोर्ट पर मौजूद पत्रकारों ने विकास के मुद्दों पर वसुंधरा राजे से सवाल किए। उनका पहला जवाब था कि इस सवाल का जवाब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से पूछा जाना चाहिए। पत्रकारों ने कहा कि शेखावत तो जा चुके हैं। इस पर राजे मुस्कराईं और हल्के अंदाज में कहा—“हम पकड़े गए।” यह वाक्य स्थानीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया। राजे ने इसके बाद किसी भी राजनीतिक सवाल का उत्तर नहीं दिया और सीधे अपने वाहन में बैठकर रवाना हो गईं। उनके इस रवैये को कुछ विश्लेषक राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सहज प्रतिक्रिया मान रहे हैं।
संतों से मिला आशीर्वाद
एयरपोर्ट पर ही उन्हें जानकारी मिली कि मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज वहां से प्रस्थान करने वाले हैं। इस पर वसुंधरा राजे तुरंत उनसे मिलने पहुंचीं और उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य भी मीडिया के कैमरों में कैद हुआ। राजे का धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहना हमेशा से उनके राजनीतिक व्यक्तित्व का हिस्सा रहा है। संतों और विभिन्न धार्मिक नेताओं से उनके संबंधों को उनके समर्थन आधार की मजबूती से भी जोड़ा जाता है। इस मुलाकात को भी राजनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है, विशेषकर ऐसे समय में जब राजस्थान की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
जालोर में होने वाले शादी समारोह में होंगी शामिल
जोधपुर में संक्षिप्त ठहराव के बाद वसुंधरा राजे जालोर जिले के आहोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक छगनसिंह राजपुरोहित के परिवार में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुईं। वह दिल्ली से जोधपुर फ्लाइट द्वारा पहुंचीं और इसके बाद सड़क मार्ग से जालोर के लिए आगे बढ़ीं। इस दौरान पाली के पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, ओमप्रकाश दहिया, नरेश सुराणा, घनश्याम वैष्णव सहित कई स्थानीय भाजपा नेता उपस्थित रहे। यह उपस्थिति भी पार्टी में उनके प्रभाव और संगठन स्तर पर उनकी सक्रियता को दर्शाती है।
राजस्थान में भाजपा के भीतर बढ़ते सियासी संकेत
राजस्थान भाजपा इस समय बदलाव और नए नेतृत्व की खोज के दौर से गुजर रही है। संगठनात्मक स्तर पर कई परिवर्तन हो रहे हैं और नई रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है। ऐसे माहौल में वसुंधरा राजे और गजेंद्र सिंह शेखावत का एक ही मंच या जगह पर दिखना राजनीतिक समीकरणों की नई व्याख्याओं को जन्म देता है। वसुंधरा राजे का पार्टी में प्रभाव और कार्यकर्ताओं में उनकी मजबूत पकड़ किसी से छिपी नहीं है। वहीं शेखावत केंद्रीय मंत्री होने के साथ-साथ राज्य में भाजपा की प्रमुख रणनीतिक आवाजों में से एक माने जाते हैं। दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर समय-समय पर कयास लगाए जाते रहे हैं, ऐसे में जोधपुर एयरपोर्ट की यह मुलाकात विशेष महत्व रखती है।
कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया और भविष्य की दिशा
एयरपोर्ट पर वसुंधरा राजे के पहुंचते ही उनके समर्थन में लगे नारे विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी दोनों के लिए संकेत माने जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं के उत्साह से यह भी स्पष्ट होता है कि राजे अभी भी राज्य की भाजपा राजनीति में प्रमुख चेहरे के रूप में मौजूद हैं। फिलहाल यह साफ नहीं कि यह मुलाकात आकस्मिक थी या इसके पीछे कोई रणनीतिक संदेश छिपा है। लेकिन इतना निश्चित है कि इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में नई चर्चाओं का माहौल जरूर बनाया है।


