मनीषा शर्मा। राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) भारत क्षेत्र की कार्यकारी समिति का सदस्य चुना गया है। इस समिति के अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। यह समिति संघ के संविधान, गतिविधियों के कलेंडर और विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों पर चर्चा कर अहम निर्णय लेगी। दिल्ली में लोकसभा में हुए राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 10वें सम्मेलन के दौरान इस कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें वर्ष भर के कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया।
समावेशी विकास सनातन संस्कृति का अंग: देवनानी
देवनानी ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 10वें सम्मेलन में अपने संबोधन में समावेशी विकास की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः” भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है और विकास तभी सार्थक होगा जब वह सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी और सतत हो। उन्होंने विधायिका की भूमिका को लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ बताया, जो सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान कर प्रगतिशील समाज का निर्माण कर सकती है।
विधायिका की सक्रियता और संवेदनशीलता पर बल
देवनानी ने कहा कि विधायिका को जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। जातिवाद, क्षेत्रवाद और सदन की घटती बैठकों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए, विधायिका को अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाना जरूरी है ताकि जनहित की नीतियां प्रभावी रूप से लागू हो सकें।
सामाजिक न्याय और विकास के लिए विधायिका की भूमिका
देवनानी ने कहा कि विधायिका के पास समावेशी और सतत विकास की अनगिनत संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विधायिका को ऐसे कानून बनाने चाहिए, जिससे समाज के हाशिए पर खड़े समुदायों को बिना किसी भेदभाव के विकास के लाभ मिल सकें। विधायिका को जनता की आवाज को नीतियों में बदलने का प्रभावी माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि विधायिका को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कड़े और दूरगामी निर्णय लेने की आवश्यकता
देवनानी ने जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ पेयजल की कमी और ऊर्जा की बढ़ती मांग जैसी वैश्विक चिंताओं पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है और विधान सभा भवन की बिजली की आवश्यकताएं सौर ऊर्जा से पूरी की जा रही हैं।
नई पीढ़ी को लोकतंत्र से जोड़ने के प्रयास
देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधान सभा द्वारा बाल संसद, विधान सभा जनदर्शन और डिजिटल म्यूजियम के माध्यम से नई पीढ़ी को लोकतंत्र और इसके इतिहास से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने कार्यपालिका की विधायिका के प्रति जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रेरणा स्थल पर श्रद्धांजलि
देवनानी ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विभिन्न विधान सभाओं के अध्यक्षों के साथ महापुरुषों और वीर-वीरांगनाओं को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।


