मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश की जनता को राहत देने के उद्देश्य से शहरी सेवा शिविर की शुरुआत की है। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के मालवीय नगर कम्युनिटी सेंटर से इस अभियान का शुभारंभ किया। इस शिविर का मकसद आम जनता के लंबे समय से लंबित पड़े कार्यों को त्वरित गति से पूरा करना और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री का संबोधन: जनता को राहत का भरोसा
शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिविर प्रदेशवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कई लोग केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से अब तक वंचित रह गए हैं। ऐसे लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, सीवरेज, बिजली या सफाई की समस्या है, तो लोग शिविरों में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सरकार हर समस्या का शीघ्र समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मकान-जमीन की लीज राशि पर बड़ी राहत
इन शहरी सेवा शिविरों में मकान, जमीन और दुकानों की लीज राशि को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी गई है। यदि कोई व्यक्ति अपनी बकाया लीज राशि एकमुश्त जमा कराता है तो उसके बकाया पर लगा ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, लीज की मूल राशि में भी 60% तक की छूट दी जाएगी।
जो लोग वनटाइम (8 साल) या फ्री-होल्ड (10 साल) की राशि एकमुश्त जमा करवाते हैं, उन्हें यह विशेष लाभ मिलेगा। इससे हजारों परिवारों को वित्तीय राहत मिलने की संभावना है।
भवन निर्माण और नक्शा स्वीकृति शुल्क में छूट
यदि कोई व्यक्ति अपने मकान के निर्माण की अनुमति लेना चाहता है, तो अब उसे जी प्लस 1 मंजिल तक भवन निर्माण की स्वीकृति पर शुल्क में छूट दी जाएगी। पहले जहां भवन मानचित्र शुल्क 60 रुपये प्रति वर्गमीटर था, वहीं अब यह घटकर केवल 30 रुपये प्रति वर्गमीटर रह गया है। इससे आम लोगों पर वित्तीय बोझ कम होगा और निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
उपविभाजन और पुनर्गठन शुल्क पर छूट
सरकार ने आवासीय मकानों के उपविभाजन और पुनर्गठन पर भी शुल्क में राहत दी है। 250 वर्गमीटर तक के भूखंड पर शुल्क अब 75 की जगह 19 रुपये प्रति वर्गमीटर होगा।
251 से 500 वर्गमीटर तक शुल्क 38 रुपये प्रति वर्गमीटर।
501 से 1000 वर्गमीटर तक शुल्क 57 रुपये प्रति वर्गमीटर।
इस कदम से छोटे और मध्यम वर्ग के भूखंड मालिकों को सीधी राहत मिलेगी।
बिना रजिस्ट्री भूखंडों पर पेनल्टी माफ
ऐसी कॉलोनियां जो कृषि भूमि पर बसी हैं और पहले नियमन शिविरों में शामिल हो चुकी हैं, उनमें यदि कोई भूखंड बिना रजिस्ट्री एक से अधिक बार बिका है तो अब अंतिम खरीदार को पट्टा देते समय पेनल्टी पूरी तरह माफ की जाएगी। हालांकि पट्टा मिलने के बाद व्यक्ति को 2% स्टाम्प ड्यूटी और 0.25% रजिस्ट्रेशन शुल्क चुकाना होगा।
शहरों में बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
शिविरों में सिर्फ दस्तावेज़ और पट्टे ही नहीं, बल्कि शहरी विकास से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अभियान चलेगा।
ब्लैक स्पॉट्स (जहां गंदगी का अंबार होता है) को खत्म किया जाएगा।
नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी और बंद पड़ी लाइटें शुरू की जाएंगी।
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
सड़क मरम्मत और नए सड़क निर्माण के प्रस्ताव मौके पर मंजूर होंगे।
नमो पार्क और सार्वजनिक स्थलों का रिनोवेशन किया जाएगा।
केंद्र और राज्य योजनाओं का लाभ
शिविरों में पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्य घर योजना के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली, और अन्य राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं के आवेदन मौके पर स्वीकार और स्वीकृत किए जाएंगे।
इसके अलावा फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, डेयरी बूथ अनुज्ञा पत्र, साइनेज लाइसेंस और प्रॉपर्टी आईडी भी शिविर में उपलब्ध कराई जाएगी।
जयपुर में कहां लगेंगे शिविर
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और नगर निगम क्षेत्रों में विशेष रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
17, 18, 19 और 20 सितंबर को JDA मुख्यालय पर जोन 1, 2, 4, 9 और 10 के शिविर लगेंगे।
23 से 26 सितंबर तक जोन 3, 7, 8, 11, 13 और 14 के शिविर होंगे।
1 से 7 अक्टूबर तक जोन 5, 6 और 12 के शिविर होंगे।
इसी तरह नगर निगम हेरिटेज और नगर निगम ग्रेटर क्षेत्रों में भी वार्ड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।
जनता में उत्साह और उम्मीद
इन शिविरों की शुरुआत से प्रदेश के लोगों में उत्साह है। लंबे समय से लटके हुए काम जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण, ट्रेड लाइसेंस और प्रॉपर्टी आईडी अब आसानी से बन सकेंगे। साथ ही मकान-जमीन की लीज राशि में छूट से आम लोगों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी।


