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विधानसभा में शाहपुरा के उपजिला अस्पताल पर हंगामा

विधानसभा में शाहपुरा के उपजिला अस्पताल पर हंगामा

शोभना शर्मा।  राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को शाहपुरा के उपजिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। यह मुद्दा इतना संवेदनशील साबित हुआ कि बहस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

मंत्री का बयान- पुरानी जगह पर जमीन नहीं थी पर्याप्त

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सदन में स्पष्ट किया कि शाहपुरा में उपजिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए पहले जो टेंडर जारी किया गया था, उसे रद्द करना पड़ा। इसका कारण पुरानी जमीन पर पर्याप्त जगह उपलब्ध न होना बताया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस परियोजना को रद्द नहीं किया है, बल्कि उपयुक्त जमीन मिलने के बाद नया टेंडर जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रॉमा सेंटर जैसी बड़ी परियोजना के लिए सही स्थान और पर्याप्त जगह का होना बेहद जरूरी है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को दिए गए अपने पिछले जवाब में मंत्री ने शाहपुरा की पुरानी जमीन को उपयुक्त बताया था। लेकिन अब उसी जमीन को अनुपयुक्त बताया जा रहा है। यादव ने कहा—”मंत्री जी, चार महीने पहले आपने जिस जमीन को सही बताया, अब वही अचानक खराब कैसे हो गई? क्या इस मामले में स्थानीय विधायक की राय नहीं ली जानी चाहिए थी?”

इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने जवाबों में बार-बार विरोधाभास कर रहे हैं। जूली ने तंज कसते हुए कहा—”मंत्री जी, यह जो बवंडर मचा है उसके लिए आप पिछले कांग्रेस विधायक को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लेकिन वह विधायक अब आपकी ही पार्टी (भाजपा) में शामिल हो चुके हैं। यह तो पुरानी परिपाटी बन गई है कि पहले कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ो और बाद में उन्हीं को भाजपा में शामिल कर लो।”

मंत्री और विपक्ष में तीखी नोकझोंक

विपक्ष के इन सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि यह परियोजना 2021 में कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीकृत हुई थी और अब भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि उन्हें खुशी होनी चाहिए कि सरकार परियोजना को आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि जमीन की कमी के कारण ही टेंडर रद्द करना पड़ा और नई जगह पर जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

जनता की उम्मीदों पर असर

इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने कहा कि शाहपुरा की जनता लंबे समय से उपजिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की मांग कर रही है। लेकिन बार-बार टेंडर रद्द होने से जनता में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द उपयुक्त जमीन का चयन करे और बिना देर किए अस्पताल निर्माण का काम शुरू करे।”

राजनीतिक तकरार का असर

शाहपुरा अस्पताल का मुद्दा केवल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि सरकार विकास के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और बार-बार टेंडर रद्द करके जनता को गुमराह किया जा रहा है। वहीं, सरकार का तर्क है कि परियोजना को आगे बढ़ाने में कोई देरी नहीं होगी और जल्द ही नई जगह पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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