शोभना शर्मा। राजस्थान में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में आमतौर पर लाखों रुपये की नकद रिश्वत की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन झालावाड़ जिले से रिश्वत का एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। यहां जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के एक अधीक्षण अभियंता (XEN) ने नकद पैसे नहीं, बल्कि एप्पल कंपनी का महंगा iPhone 16 Pro रिश्वत के तौर पर मांगा। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
एसीबी के अनुसार, झालावाड़ में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता (XEN) विष्णु चंद गोयल ने एक निजी फर्म संचालक से लगभग डेढ़ लाख रुपये कीमत का iPhone रिश्वत में मांगा था। परिवादी ने जब इस मांग को लेकर एसीबी से संपर्क किया, तो पहले शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह ट्रैप कार्रवाई झालावाड़ चौकी के अंतर्गत की गई। परिवादी ने शिकायत में स्पष्ट किया था कि उससे iPhone 16 Pro या उससे ऊपर का मॉडल देने की मांग की जा रही थी। इतना ही नहीं, आरोपी अधिकारी ने यह भी शर्त रखी थी कि जिस मोबाइल को रिश्वत के तौर पर खरीदा जाएगा, उसका बिल भी उसके नाम से ही बनवाया जाए।
एसीबी के निर्देश पर परिवादी ने बाजार से करीब 84 हजार रुपये का एप्पल iPhone खरीदा और तय योजना के अनुसार उसे रिश्वत के रूप में एक्सईएन विष्णु चंद गोयल को सौंपा। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने मोबाइल स्वीकार किया, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तुरंत ट्रैप कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस पूरी कार्रवाई को कोटा रेंज के डीआईजी आनंद शर्मा के सुपरविजन में अंजाम दिया गया। एडिशनल एसपी प्रेरणा शेखावत ने बताया कि परिवादी की फर्म हैंडपंप रिपेयरिंग और पाइपलाइन लीकेज सुधारने का कार्य करती है। फर्म ने विभागीय काम समय पर और नियमानुसार पूरा कर दिया था, इसके बावजूद भुगतान रोका जा रहा था।
परिवादी का आरोप है कि जब उसने अपने लेबर बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत किए, तो उन्हें फर्जी बताकर खारिज किया गया और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी भी दी गई। इस समस्या को लेकर जब उसने एक्सईएन विष्णु चंद गोयल से संपर्क किया, तो अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर भुगतान चाहिए और भविष्य में परेशानी से बचना है, तो उसे एप्पल का iPhone देना होगा।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह रिश्वत बिल पास करने और फर्म को अनावश्यक परेशान न करने के एवज में मांगी गई थी। मामला सामने आने के बाद एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी अधिकारी के आवास और कार्यालय पर सर्च की कार्रवाई भी की जा रही है। तलाशी के दौरान अन्य संपत्तियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह के और मामलों में भी आरोपी की संलिप्तता तो नहीं रही है।


