राजस्थान के कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना अब साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। 7 मार्च को शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दो दशक से अधिक समय से कोटा की राजनीति का प्रमुख मुद्दा रहा यह प्रोजेक्ट अब वास्तविक धरातल पर उतरता नजर आ रहा है।
शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो संदेश प्रसारित किया जाएगा। इस परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हुए लगातार उच्च स्तर पर प्रयासरत रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे।
शिलान्यास से पहले तेज हुई तैयारियां
एयरपोर्ट स्थल पर हेलीपैड का निर्माण किया गया है और विशाल डोम तैयार किया जा रहा है, जहां बड़ी जनसभा आयोजित होगी। प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
स्थल पर सड़क निर्माण, भूमि समतलीकरण, चारदीवारी और अन्य बुनियादी कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। कोटा और बूंदी जिले के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोगों के समारोह में शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानकों का रनवे और टर्मिनल
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट 1507 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत 440.646 हेक्टेयर भूमि एएआइ को सौंपी जा चुकी है। एयर साइड कार्यों में 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया जाएगा। रनवे के दोनों ओर 7.5 मीटर का पक्के शोल्डर और सुरक्षा क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
एयरपोर्ट परिसर में 12.5 किलोमीटर लंबी और 8 फीट ऊंची चारदीवारी, इलेक्ट्रिफिकेशन, एयरक्राफ्ट एप्रन, लैंड लेवलिंग और आंतरिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था होगी। रनवे के लिए चिह्नित भूमि चट्टानी होने से मजबूत है, जिससे निर्माण कार्य में तकनीकी मजबूती मिलेगी।
सिटी साइड के अंतर्गत 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का आधुनिक टर्मिनल भवन बनेगा, जिसकी पीक आवर क्षमता 1000 यात्रियों की होगी। ए-321 श्रेणी के विमानों के लिए सात एप्रन वे तैयार किए जाएंगे। परियोजना के तहत दिसंबर 2027 तक उड़ान संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण एजेंसियां और कार्य प्रगति
एयर साइड का कार्य गुरुग्राम की केसीसी बिल्डकॉन कंपनी को सौंपा गया है, जबकि सिटी साइड निर्माण का जिम्मा दिल्ली की आहलूवालिया कांट्रेक्ट्स इंडिया लिमिटेड को मिला है। फरवरी 2026 में 393 करोड़ रुपये का सिटी साइड टेंडर और इससे पहले एयर साइड के लिए 283 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया।
परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति, वन भूमि डायवर्जन और वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस सहित सभी प्रमुख मंजूरियां मिल चुकी हैं। 2024 में राज्य सरकार और एएआइ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और बाद में जमीन औपचारिक रूप से हस्तांतरित की गई।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई उड़ान
कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से हाड़ौती क्षेत्र को नई आर्थिक गति मिलने की उम्मीद है। उद्योग, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। लंबे इंतजार के बाद अब कोटा का एयरपोर्ट सपना हकीकत में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 7 मार्च का शिलान्यास समारोह इस ऐतिहासिक यात्रा का अहम पड़ाव साबित होगा।


