मनीषा शर्मा। जयपुर में नववर्ष पर आस्था और श्रद्धा का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। 1 जनवरी 2026, गुरुवार को शहर के दो प्रमुख मंदिर — आराध्य श्री गोविंद देव जी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हर साल नए साल के पहले दिन इन मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। इसी के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया है, ताकि भीड़ के बीच भी यातायात सुचारू बना रहे और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। यह व्यवस्था सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक लागू रहेगी।
मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर: पार्किंग और आवागमन की विशेष व्यवस्था
नए साल पर मोती डूंगरी क्षेत्र में सबसे अधिक भीड़ रहने का अनुमान है। इसी वजह से अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। टोंक रोड और भवानी सिंह रोड की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुबोध कॉलेज परिसर में पार्क कर सकेंगे। वहीं, जे.एल.एन. मार्ग, शांति पथ और जवाहर नगर की दिशा से आने वालों के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी कैंपस में पार्किंग की सुविधा रहेगी।
गोविंद मार्ग, रामनिवास बाग और परकोटे की ओर से आने वाले दर्शनार्थी धर्मसिंह सर्किल से मोती डूंगरी रोड होकर आरोग्य पथ से पुलिस मेमोरियल के पास तक जे.एल.एन. मार्ग की सर्विस लेन में अपने वाहन एक लाइन में पार्क कर सकेंगे। भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए कई मुख्य सड़कों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आरोग्य पथ से गांधी सर्किल तक जे.एल.एन. मार्ग, पृथ्वीराज टी प्वाइंट से रामबाग चौराहा, त्रिमूर्ति सर्किल से राजापार्क तक गोविंद मार्ग और रामबाग चौराहा से जे.डी.ए. चौराहे तक वाहनों को सड़क किनारे खड़ा नहीं किया जा सकेगा।
डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग
मोती डूंगरी क्षेत्र में 1 जनवरी को सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक कई सड़कों पर वाहनों का प्रवेश पूर्ण रूप से बंद रहेगा। त्रिमूर्ति सर्किल से जे.डी.ए. चौराहा, आरबीआई तिराहा से गणेश मंदिर के बीच तख्तेशाही रोड और धर्मसिंह सर्किल से मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर सामान्य वाहनों को नहीं जाने दिया जाएगा।
स्थिति के अनुसार यातायात को समानांतर रास्तों से डायवर्ट किया जाएगा। आरबीआई तिराहे से नारायण सिंह तिराहा, गांधी सर्किल से जे.डी.ए. चौराहा और रामबाग चौराहा क्षेत्र में भी ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर बसों और निजी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। पोलो सर्किल और पृथ्वीराज रोड के आसपास भी ट्रैफिक पुलिस त्वरित बदलाव करेगी।
बसों के संचालन में बदलाव
नए साल के दिन रोडवेज और मिनी बसों का रूट भी आंशिक रूप से बदला जाएगा। टोंक रोड पर दबाव अधिक होने पर गोपालपुरा की ओर से आने वाली बसें लक्ष्मी मंदिर से सहकार मार्ग होकर चलाई जाएंगी।
दिल्ली रोड से सिंधी कैंप आने वाली बसें चंदवाजी से एक्सप्रेस हाईवे होते हुए सर्विस रोड और सीकर रोड के जरिए सिंधी कैंप पहुंचेंगी। वहीं, सिंधी कैंप से दिल्ली और आगरा रोड की दिशा में जाने वाली बसें वनस्थली मार्ग और एमआई रोड होते हुए आगे बढ़ेंगी। आगरा रोड से सिंधी कैंप आने वाली बसों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि शहर के केंद्रीय हिस्सों में भीड़ कम की जा सके।
श्री गोविंद देव जी मंदिर: चारदीवारी क्षेत्र में सख्त व्यवस्था
गोविंद देव जी मंदिर क्षेत्र में भी नववर्ष को लेकर विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण लागू रहेगा। चांदपोल गेट, न्यू गेट, अजमेरी गेट, सांगानेरी गेट, रामगंज चौपड़ और जोरावर सिंह गेट से चारदीवारी में हल्के मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन चौगान स्टेडियम की भूमिगत पार्किंग, जलेबी चौक, जनता मार्केट और रामनिवास बाग की भूमिगत पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। मंदिर सेवादारों के पासधारी वाहन ग्लोब ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने स्थित निर्धारित पार्किंग में लगाए जाएंगे।
सार्दुल सिंह की नाल से आतिश मार्केट और जलेबी चौक की ओर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश और पार्किंग पूरी तरह रोकी जाएगी। काले हनुमान जी मंदिर और कंवर नगर की दिशा से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए झूलेलाल मंदिर के पास खाली क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा रहेगी, जबकि ब्रह्मपुरी से आने वाले वाहन पोण्ड्रिक उद्यान के सामने पार्क किए जाएंगे।
भीड़ से बचने और सुचारू यातायात के लिए अपील
ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से मंदिर के नजदीक वाहन न ले जाएं और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। गोविंद देव जी मंदिर और जलेबी चौक के आसपास पार्किंग सीमित है, इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे जे.डी.ए. की भूमिगत पार्किंग का अधिकतम उपयोग करें।
साथ ही, लोगों को तय ट्रैफिक प्लान का पालन करते हुए समानांतर मार्गों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि दर्शन और शहर का आवागमन दोनों सुरक्षित और सुचारू तरीके से जारी रह सकें। पुलिस का मानना है कि आमजन के सहयोग से नए साल का यह अवसर श्रद्धा और व्यवस्था, दोनों दृष्टि से सफल बनाया जा सकता है।

