मनीषा शर्मा, अजमेर। शहर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की नीचली बस्तियों में पानी भरने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही, कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव होने से आवागमन में भी कठिनाई हो रही है। खासकर आनासागर की पुरानी चौपाटी और पुष्कर रोड पर पानी जमा हो जाने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
इस स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। आपदा प्रबंधन के तहत एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) और एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भारी यातायात से बचने के लिए लोग गलियों का सहारा ले रहे हैं, जिससे वहां जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
शहर में अब तक औसत से ज्यादा बारिश:
अजमेर शहर में अब तक कुल 793.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि जिले की औसत बारिश 550 एमएम मानी जाती है। इस प्रकार, अब तक जिले में औसत से 243.2 एमएम ज्यादा बारिश हो चुकी है, जिसने जनजीवन को प्रभावित किया है।
इस बीच, आनासागर झील और फायसागर झील का जलस्तर बढ़ने के बाद दोनों झीलों से पानी की निकासी शुरू कर दी गई है ताकि जलस्तर नियंत्रित किया जा सके और जलभराव से बचा जा सके। हालांकि, झीलों के आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जिला कलेक्टर का निरीक्षण:
जलभराव और बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए अजमेर के जिला कलेक्टर लोकबंधु ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम आयुक्त देशल दान, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़ और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव को जल्द से जल्द खत्म करने के प्रयास किए जाएं और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए और जलभराव के इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए।
प्रशासन की तैयारियां:
प्रशासन ने किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैयार रखी हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में मोटर पंप लगाकर पानी निकालने का कार्य जारी है। इसके साथ ही, भारी बारिश के चलते स्कूलों और कार्यालयों में भी आंशिक रूप से अवकाश घोषित किया गया है ताकि लोग सुरक्षित रहें।
प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात बाधित है और लोग वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते गलियों में जाम लगने की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है।
अजमेर में भारी बारिश से जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें इस स्थिति से निपटने के लिए जुटी हुई हैं। कलेक्टर के दिशा-निर्देशों के तहत राहत कार्य तेज किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी शहर में पानी निकासी की चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर प्रशासन अलर्ट पर है।


