शोभना शर्मा। आज राजस्थान में विश्व पर्यटन दिवस पर प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा दी गई। जयपुर के साथ-साथ राज्यभर के प्रमुख स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों का तिलक-माला से स्वागत किया गया। बच्चों को चॉकलेट दी गई, जिससे देशी और विदेशी पर्यटकों ने ख़ुशी से जवाब देते हुए ‘पधारो म्हारो देश’ की भावना का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग और कई प्रमुख संगठनों जैसे FHTR, HRAR, IATO, RATO और FERN के प्रतिनिधियों ने भी पर्यटकों का स्वागत किया। जयपुर टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के सदस्यों ने भी इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
लोक कलाकारों ने बढ़ाया उत्साह
पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कच्ची घोड़ी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, शहनाई वादन और रावण हत्था जैसे प्रदर्शन पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर गए। खासकर जयपुर के आमेर महल में पर्यटकों ने कच्ची घोड़ी नृत्य का आनंद लिया, जिसमें विदेशी पर्यटकों ने भी भाग लिया।
रंगोली से सजे हुए स्मारकों ने पर्यटकों को आकर्षित किया। पर्यटकों ने इन रंग-बिरंगी सजावट की तारीफ की और उनके फोटो खींचे। इस अवसर पर आमेर महल में प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पर्यटकों ने खूब लुत्फ उठाया और इन्हें अपने कैमरों में कैद किया।
पर्यटन स्थलों पर नवाचार
इस विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटकों की सुविधा के लिए कुछ नवाचार भी किए गए। आमेर महल में प्रवेश के दौरान पर्यटकों से तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशा सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया। पर्यटकों से अपील की गई कि वे महल के प्रवेश द्वार पर इन वस्तुओं को छोड़कर जाएं और जाते समय वापस ले लें।
इसके साथ ही, पर्यटन स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। पर्यटकों के लिए साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर के सभी स्मारकों और उनके आसपास सफाई कार्य किया गया। इस पहल से राज्य की पर्यटन छवि को और भी मज़बूत किया जा रहा है, जिससे राज्य में अधिक से अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटकों का अनुभव
राजस्थान के स्मारकों की सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास ने हमेशा ही पर्यटकों को आकर्षित किया है। इस विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटकों के स्वागत में खास कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहनाई वादन, कालबेलिया नृत्य, और रावण हत्था वादन ने पर्यटकों के अनुभव को और भी आनंददायक बना दिया।
पर्यटकों ने महल में आयोजित कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय बाजार और स्मारकों के पास स्थित स्थानों का भी भ्रमण किया। इस दौरान पर्यटकों को राज्य की समृद्ध संस्कृति और इतिहास की झलक मिली, जिससे राज्य की पहचान और मजबूत हुई।
पर्यटन की दिशा में उठाए गए कदम
राजस्थान सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना भी है। नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा और स्वागत समारोह से पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य के स्मारकों और पर्यटन स्थलों के आसपास किए गए स्वच्छता अभियान से पर्यटकों का अनुभव और बेहतर हो गया है, जिससे न केवल देशी पर्यटक बल्कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।


